हमारी स्वास्थ्य स्थिति का बड़ा हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्या खाते हैं। एक फ्लोरिडा के 40 साल के शख्स ने हाल ही में ट्रेंडिंग कार्निवोर डाइट को फॉलो किया, जिससे न केवल उसे कुछ सकारात्मक परिणाम मिले, बल्कि उसके हाथों, कोहनियों और पैरों में खौफनाक पीले निशान भी बन गए। इन निशानों को लेकर उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

क्या था शख्स का डाइट पैटर्न

इस शख्स ने करीब 8 महीने पहले मांस और डेयरी उत्पादों से भरपूर कार्निवोर डाइट अपनाई थी। इस डाइट में वह रोजाना 2.7-4 किलोग्राम पनीर, मक्खन, हैमबर्गर और अन्य मांसाहारी पदार्थ खाता था। शुरुआत में उसे वजन घटाने, एनर्जी में इजाफा और मानसिक स्पष्टता में सुधार की रिपोर्ट मिली। हालांकि इन पॉजिटिव रिजल्ट्स के बाद शख्स का स्वास्थ्य बिगड़ गया।

हाई कोलेस्ट्रॉल और पीले निशान

इस शख्स के शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी बढ़ गया। उसे जैंथेलास्मा (Xanthelasma) नामक स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसमें कोलेस्ट्रॉल त्वचा के नीचे जमकर नोड्यूल्स का रूप लेता है। यह नोड्यूल्स, जो आमतौर पर दर्द रहित होते हैं, एक संकेत होते हैं कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर उच्च है। यह स्थिति हृदय रोगों के लिए एक जोखिम भरा कारक हो सकती है। शख्स का कोलेस्ट्रॉल लेवल 1000 mg/dL से ज्यादा हो गया था, जबकि पहले उसका कोलेस्ट्रॉल लेवल 210 से 300 mg/dL के बीच था।

कार्निवोर डाइट क्या है

कार्निवोर डाइट एक सीमित आहार योजना है, जिसमें सिर्फ मांस, पोल्ट्री, अंडे, मछली, समुद्री भोजन और कुछ डेयरी उत्पादों का सेवन किया जाता है। इसमें सब्जियों, फलों, अनाज, बीज और नट्स का सेवन पूरी तरह से मना होता है। इस डाइट को हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलैरिटी मिली है, खासकर इंफ्लुएंसरों द्वारा, जिन्होंने इसके जरिए वजन घटाने और बेहतर ऊर्जा के फायदे बताए हैं।

क्यों है यह डाइट जोखिमपूर्ण

हालांकि इस डाइट को लेकर कई सकारात्मक दावे किए जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कड़ी डाइट अपनाने से शरीर में कई तरह की जटिलताएं हो सकती हैं। इस शख्स के मामले से यह स्पष्ट है कि बिना एक्सपर्ट की सलाह के कोई भी आहार योजना फॉलो करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। खासकर जब बात कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर स्थितियों की हो, तो किसी डाइट को अपनाने से पहले डाइटीशियन से सलाह लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

हमेशा लें एक्सपर्ट की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले से यह सिखने को मिलता है कि डाइट के पैटर्न का लिपिड लेवल्स पर गहरा असर पड़ता है। इस शख्स का उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर इसका प्रमाण है कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी प्रकार की डाइट को फॉलो करना हानिकारक हो सकता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

By tnm

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