इन दिनों महाराष्ट्र में फैले नए सिंड्रोम ने लोगों को डरा कर रख दिया है। इस बीमारी से कई लोग ग्रस्त हो गए हैं। अब हाल ही में आई खबरों की मानें तो महाराष्ट्र में गुलेन बैरी सिंड्रोम के कारण एक और शख्स की मौत हो गई है। इसके कारण अब तक इस बीमारी से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। वहीं 16 नए मामले इस सिंड्रोम के सामने आए हैं। कुल मिलाकर गुलेन बैरी सिंड्रोम के 127 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ते हुए आंंकड़ों को देखते हुए 200 ब्लड सैंपल एनआईवी पुणे भी भेजे गए हैं।
पुणे में पहले भी हो चुकी है मौत
आपको बता दें कि गुलेन बैरी सिंड्रोम के कारण पुणे शहर में पहली मौत का भी मामला सामने आया था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस इंफेक्शन के अचानक बढ़ रहे मामलों के चलते रैपिड रिस्पांस टीम भी बनाई थी। गुलेन बैरी सिंड्रोम एक ऐसी दुर्लभ स्थिति है जिसमें शरीर अचानक सुन्न हो जाता है और मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनता है। इसके कारण कई अंगों में कमजोरी आने लगती है। इसके अलावा दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती है। डॉक्टर्स की मानें तो बैक्टीरिया और वायरल इंफेक्शन के कारण यह सिंड्रोम होता है क्योंकि इसके कारण व्यक्ति की इम्यूनिटी पॉवर कमजोर हो जाती है।

नहीं है घबराने की जरुरत
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीबीएस बच्चों और युवाओं को होता है लेकिन इसके महामारी होने का खतरा नहीं है। ज्यादातर मरीजजज इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो जाते हैं और इसमें मृत्यु दर भी बहुत कम है इसलिए इससे घबराने की जरुरत नहीं है।
आखिर क्या होता है गुलेन बैरी सिंड्रोम?
यह एक ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होता है। इसमें इम्यून सिस्टम अपनी ही नर्व्स पर अटैक करने लग जाता है। इसके चलते व्यक्ति को उठने-बैठने और चलने में भी समस्या होती है। इसके अलावा यहां तक की सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। मुख्य लक्षणों की बात करें तो लकवा इस बीमारी का पहला लक्षण है। आपको बता दें कि हमारा नर्वस सिस्टम दो हिस्सों में होता है पहले हिस्से को सेंट्रल नर्वस सिस्टम कहते हैं इसमें रीढ़ की हड्डी और ब्रेन वाला पार्ट पाया जाता है वहीं दूसरे हिस्से में पेरिफेरल नर्वस सिस्टम होता है जिसके कारण पूरे शरीर की बाकी सारी नर्व्स पाई जाती है। इस सिंड्रोम में नर्वस सिस्टम दूसरे हिस्से के नर्वस सिस्टम पर हमला करता है।
लक्षण
इस सिंड्रोम की शुरुआत हाथों-पैरों में झुनझुनी और कमजोरी के साथ होती है। ये लक्षण तेजी से फैलते हैं और इसके कारण लकवा भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ लक्षण जैसे
. पैरों में कमजोरी आना
. हाथों-पैरों, टखनों या कलाई में झुनझुनी होना
. चलने में कमजोरी

. सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत
. बोलने, चबाने या खाना निगलने में दिक्कत
. आंखों की डबल विजन या आंखों को हिलाने में दिक्कत
. पेशाब और मल त्यागने में समस्या आना
. सांस लेने में दिक्कत होना
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
