हाल ही में राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने एक अद्वितीय और सफल दिल प्रत्यारोपण सर्जरी करके 19 साल के लड़के को एक नई ज़िंदगी दी है। बचपन से दिल की बीमारी से जूझ रहे इस लड़के के पास अब एक स्वस्थ और युवा दिल धड़क रहा है। यह सर्जरी 8 जनवरी को दोपहर 2 बजे शुरू होकर रात 3 बजे तक चली, और इसने एक नए जीवन की शुरुआत की।
कठिन यात्रा और चुनौतीपूर्ण सर्जरी
19 वर्षीय लड़के की जिंदगी दिल की बीमारी के कारण मुश्किलों से भरी हुई थी। चलने-फिरने में परेशानी, सांस फूलना, तेज़ दिल की धड़कन, पेट में सूजन और दर्द जैसी समस्याओं ने उसकी जिंदगी को बदतर बना दिया था। डॉक्टरों की टीम ने लंबे समय तक इस लड़के के लिए एक स्वस्थ दिल की तलाश की, और अंततः 25 साल के एक युवक के ब्रेन डेथ के बाद उसे अंगदान के रूप में दिल मिल गया।
सर्जरी का सफल संचालन
आरएमएल अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. पुनीत अग्रवाल ने बताया कि यह सर्जरी अत्यधिक जटिल और लंबी थी। टीम ने इस मुश्किल काम को पूरी समर्पण और ध्यान से किया। सर्जरी को सही समय पर पूरा करने के लिए ग्रीन कॉरीडोर का सहारा लिया गया, ताकि दिल को जल्दी से अस्पताल पहुंचाया जा सके। ट्रैफिक विभाग ने अपनी ओर से ट्रैफिक सिग्नल को नियंत्रित किया ताकि हार्ट को समय पर आरएमएल अस्पताल तक लाया जा सके।
महत्वपूर्ण योगदान और टीम वर्क
यह सर्जरी ना सिर्फ डॉक्टरों, बल्कि ब्लड बैंक की टीम, अस्पताल प्रशासन, और ट्रैफिक कर्मचारियों की टीम वर्क का परिणाम थी। डॉक्टरों के अलावा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जसविंदर कौर और डॉ. हिमांशु महापात्रा, और ट्रांसप्लांट टीम के अन्य सदस्य भी पूरी प्रक्रिया के दौरान सक्रिय थे।
नया दिल, नई उम्मीदें
सर्जरी के बाद अगले दिन सुबह जब लड़के ने आंखें खोलीं, तो उसे सांस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी। परिवार के लिए यह एक चमत्कारी अनुभव था। नए दिल ने पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया, और डॉक्टरों को उम्मीद है कि लड़का जल्दी ही पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगा।
गरीब परिवार को मिला नया जीवन
डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि यह लड़का एक गरीब परिवार से है, और प्राइवेट अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी की कीमत लाखों में होती है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी की जानकारी आम जनता के लिए बहुत जरूरी है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इस तरह की सर्जरी सफलतापूर्वक की जाती है, और यह समाज के गरीब वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है।
परिवार की खुशी और आशा
जब परिवार को यह बताया गया कि ऑपरेशन सफल रहा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस सर्जरी ने न केवल इस लड़के की जिंदगी को बचाया, बल्कि उसके परिवार के लिए भी नई उम्मीद और खुशियां लेकर आईं।
