हाल ही में चीन के अस्पतालों में एक नए वायरस, ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, जिसके कारण फ्लू और कोविड-19 जैसे लक्षण दिख रहे हैं। यह वायरस खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रभावित करता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों में इसके लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं। भारत के कर्नाटक, गुजरात, अहमदाबाद और मुंबई में भी इसके कुछ मामले सामने आए हैं। डॉ. बॉबी भालोत्रा, जो कि चेस्ट मेडिसिन एक्सपर्ट और सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली की वाइस चेयरपर्सन हैं, ने इस वायरस के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में हमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
क्या है एचएमपीवी
यह वायरस इंसानों में 2001 में पाया गया था, और यह हाथ मिलाने, खांसने, छींकने या संक्रमित वस्तुओं को छूने से फैलता है। यह फ्लू के समान लक्षण उत्पन्न करता है, जैसे कि खांसी, बुखार, गले में खराश, और छाती में घरघराहट। गंभीर संक्रमण में सांस लेने में दिक्कत और शरीर में रैशेज भी हो सकते हैं। इसके लक्षण संक्रमित होने के 3 से 5 दिन में दिखने लगते हैं।
किसे अधिक खतरा है
इस वायरस का ज्यादा खतरा उन लोगों को है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, जैसे 5 साल से छोटे बच्चे और 65 साल से बड़े बुजुर्ग। बच्चों का इम्यून सिस्टम वायरस से पहली बार मुकाबला करता है, जबकि बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमज़ोर हो सकती है।
डॉक्टर से कब संपर्क करें
अगर बुखार बहुत तेज हो, सांस लेने में दिक्कत हो, छाती में दर्द हो या बात करते समय सांस फूलने लगे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कैसे रखें परिवार को सुरक्षित?
बच्चों को तला-भुना न खिलाएं
बच्चों को बाहर का तला-भुना खाना न दें, क्योंकि यह गले के संक्रमण को बढ़ा सकता है, जिससे एचएमपीवी जैसे वायरस का खतरा बढ़ सकता है।
युवाओं के लिए गुड़
बाहर के प्रदूषण से बचने के लिए, अगर आपकी उम्र 18-50 साल है, तो रात में गुड़ जरूर खाएं। यह फेफड़ों और गले को मजबूत करता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
बुजुर्गों के लिए योग
सर्दियों में प्रदूषण बढ़ जाता है। इस समय बुजुर्गों को घर पर श्वसन व्यायाम जैसे अर्धमत्स्येंद्रासन और सेतुबंधासन से खुद को सक्रिय रखना चाहिए, जिससे फेफड़ों की क्षमता मजबूत रहती है।
गले की खराश या जुकाम में भाप लें
अगर गले में खराश या जुकाम हो, तो भाप लेना फायदेमंद होता है। यह वायरस के संक्रमण को शरीर से बाहर करने में मदद करता है।
हीटर और ह्यूमिडीफायर
सर्दियों में जब हीटर का उपयोग किया जाता है, तो हवा की नमी घट जाती है। ऐसे में ह्यूमिडीफायर का इस्तेमाल फेफड़ों की सेहत के लिए बेहतर होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
