अमेरिका में बच्चों के बीच स्लैप्ड चीक्स सिंड्रोम के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। 2022 में 5 से 9 साल के बच्चों में इस बीमारी के मामलों का प्रतिशत 15% था, जो 2024 के मध्य तक बढ़कर 40% हो गया है। इस बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर Centers for Disease Control and Prevention (CDC) ने एक स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट खासतौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं को वायरस के तेजी से फैलने के बारे में सूचित करने के लिए था।
क्या है स्लैप्ड चीक्स सिंड्रोम
स्लैप्ड चीक्स सिंड्रोम, जिसे फिफ्थ डिजीज या एरिथेमा इंफेक्टियोसम भी कहा जाता है, parvovirus B19 वायरस के कारण होने वाला एक वायरल संक्रमण है। इसका नाम स्लैप्ड चीक्स इसलिए पड़ा क्योंकि इसके मुख्य लक्षण में बच्चों के गालों पर चमकदार लाल दाने होते हैं, जो किसी ने गाल पर थप्पड़ मारा हो, ऐसा प्रतीत होता है।
इस बीमारी की शुरुआत आमतौर पर बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द और थकान जैसे फ्लू जैसे लक्षणों से होती है। इसके बाद, बच्चों के गालों पर चमकदार लाल रंग के दाने उभरने लगते हैं, जो कुछ समय बाद शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकते हैं।
कैसे फैलता है यह संक्रमण
यह संक्रमण मुख्य रूप से श्वसन बूंदों के माध्यम से फैलता है, यानी जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो वायरस पास खड़े अन्य व्यक्तियों में फैल सकता है। स्कूलों, डेकेयर सेंटर्स और खेल के मैदानों में बच्चों के बीच यह बीमारी तेजी से फैल सकती है। हालांकि इस संक्रमण के दौरान व्यक्ति सबसे अधिक संक्रामक होता है जब दाने दिखाई नहीं देते हैं, और दाने दिखाई देने के बाद व्यक्ति आमतौर पर संक्रामक नहीं रहता।
इलाज और देखभाल
स्लैप्ड चीक्स सिंड्रोम का कोई विशेष एंटीवायरल उपचार नहीं है क्योंकि यह एक स्व-सीमित रोग है। यह बीमारी आमतौर पर एक से तीन हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाती है। लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए, जैसे:
विश्राम
बच्चों को पर्याप्त आराम देना महत्वपूर्ण है।
तरल पदार्थ
बच्चे को खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ देना चाहिए।
बुखार और दर्द का उपचार
एसीटामिनोफेन या इबुप्रोफेन जैसी दवाइयों से बुखार और दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है।
त्वचा की देखभाल
दाने में जलन होने पर ठंडे सेंक या एंटीहिस्टामाइन का उपयोग किया जा सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
बुखार जब दवाइयों से भी कम न हो
जोड़ों में सूजन या दर्द होना
एनीमिया के लक्षण, जैसे अत्यधिक थकान, चेहरे का पीला पड़ना, या सांस लेने में कठिनाई होना
यदि बच्चे का इम्यून सिस्टम कमजोर है या खून की कोई बीमारी है, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
