एम्स दिल्ली ने मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यहां रेफरल मरीजों को दिखाना आसान होगा, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा अस्पताल में अन्य कई सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों के अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके।

रेफरल सिस्टम में आएगी सुधार

एम्स दिल्ली में हर साल करीब 50 लाख मरीज आते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण, अस्पताल में अपॉइंटमेंट और टेस्ट के लिए लंबी कतारें लगती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए एम्स अब एक नई रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत मरीजों को पहले उनके नजदीकी अस्पताल में रेफर किया जाएगा। उदाहरण के लिए बिहार से आने वाले मरीजों को पहले पटना एम्स भेजा जाएगा, और यदि वहां इलाज संभव नहीं हो पाता है, तो उन्हें दिल्ली भेजा जाएगा। इससे अस्पताल पर दबाव कम होगा और मरीजों को सही इलाज समय पर मिल सकेगा। इस प्रणाली के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो जल्द ही लागू किया जाएगा।

200 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक

एम्स दिल्ली में 200 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक जल्द ही खुलने वाला है। यह ब्लॉक एम्स के ट्रॉमा सेंटर कैंपस के अंदर बनेगा, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज किया जाएगा। इस ब्लॉक में अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण होंगे, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। हालांकि इसे पूरी तरह से तैयार होने में करीब दो साल लग सकते हैं।

एआई का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवा में

एम्स दिल्ली अब स्वास्थ्य सेवा में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रहा है। डॉ. एम श्रीनिवास, एम्स के डायरेक्टर ने बताया कि बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ, एम्स मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए एआई का सहारा ले रहा है। इसके तहत कई कार्यों को स्वचालित किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया और तेज और सटीक हो सकेगी।

सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार

एम्स दिल्ली में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 200 फेस रिकॉग्निशन कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इसके अलावा पूरे अस्पताल में 2800 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर की संख्या 50% बढ़ाई गई है और आईसीयू में बेड्स की संख्या 40% बढ़ाई गई है, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

बच्चों के लिए एयरपोर्ट जैसे लाउंज

एम्स में बच्चों के लिए एक खास वेटिंग एरिया बनाया जाएगा, जिसमें एयरपोर्ट जैसे लाउंज, प्ले एरिया और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होंगी। यह कदम बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक आरामदायक और मजेदार अनुभव सुनिश्चित करेगा।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और पेपरलेस सिस्टम

एम्स दिल्ली ने अब पूरी तरह से पेपरलेस सिस्टम अपनाया है। यह देश का पहला मेडिकल संस्थान है जो 100% पेपरलेस है। इसके माध्यम से मरीजों के रिकॉर्ड और इलाज की सभी जानकारी डिजिटल रूप में रखी जाती है, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *