साल 2024 में हेल्थ सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए थे, जिनमें आयुष्मान योजना का विस्तार, डेंगू वैक्सीन के ट्रायल की मंजूरी और रोबोटिक सर्जरी शामिल थीं। अब साल 2025 में हेल्थ सेक्टर को लेकर भी कई उम्मीदें हैं, जैसे एआई तकनीक से इलाज, अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं, और खतरनाक बीमारियों के लिए वैक्सीनेशन का विस्तार। इन बदलावों से लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।
आयुष्मान भारत का विस्तार
नए साल में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का और विस्तार होने की उम्मीद है। यह योजना अब कई और बीमारियों को कवर करेगी। इसके साथ ही, राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत, सरकार एआई और टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों को ग्रामीण इलाकों में भी पहुंचाने की योजना बना रही है। इससे दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोग भी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
कैंसर और इम्यूनोथेरेपी: नई उम्मीदें
2025 में कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी का बड़ा योगदान देखने को मिलेगा। यह थेरेपी कैंसर के इलाज में बेहद प्रभावी साबित हो रही है। भारत में इस थेरेपी का उपयोग बड़े पैमाने पर शुरू होने की संभावना है, जिससे लाखों कैंसर मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य ढांचे में सुधार
देश के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार 50,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू करेगी। साथ ही, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी की जाएगी। इस पहल के तहत 155 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 131 पहले ही कार्यरत हैं।
गैर संक्रामक बीमारियों का टीकाकरण
नए साल में गैर संक्रामक बीमारियों जैसे खसरा, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और डायबिटीज के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। करीब 750 लाख लोगों को 40,000 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी जैसे नए टीके भी अभियान का हिस्सा होंगे।
दिल्ली एम्स में बढ़ेगा बेड का दायरा
दिल्ली के एम्स अस्पताल में इस साल के अंत तक इमरजेंसी बेड की संख्या दोगुनी हो सकती है। फिलहाल, एम्स में 200 बेड हैं, जो बढ़ाकर 400 किए जाएंगे। इसके अलावा, दिल्ली एम्स से सभी एम्स को जोड़ने के लिए एक पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए तुरंत रेफर किया जा सकेगा।
डेंगू की वैक्सीन पर ट्रायल
भारत में डेंगू की वैक्सीन पर ट्रायल जारी है। उम्मीद है कि 2025 के अंत तक यह वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। अगर यह ट्रायल सफल रहता है, तो अगले दो सालों में डेंगू की वैक्सीन आ सकती है, जिससे हर साल डेंगू के मामलों और इससे होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा।
