दुनिया भर में विभिन्न देशों के व्यंजन और पेय पदार्थ अपनी खास पहचान रखते हैं। जहां इटली का पिज्जा, चीन के स्प्रिंग रोल्स और जापान की सूशी मशहूर हैं, वहीं जापान की एक और पारंपरिक ड्रिंक ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। यह ड्रिंक है साके, जिसे हाल ही में यूनेस्को की तरफ से कल्चरल हेरिटेज की सूची में शामिल किया गया है। इस मान्यता से साफ है कि यह ड्रिंक कितनी प्रसिद्ध है और जापान में इसकी कितनी अहमियत है।
क्या है साके
साके एक पारंपरिक जापानी शराब है, जिसे मुख्य रूप से चावल से तैयार किया जाता है। यह ड्रिंक जापान के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का हिस्सा होती है और जापानी लोग इसे विशेष अवसरों पर पिएं जाते हैं। पारंपरिक रूप से, साके को ओचोको (छोटे गिलास) में पिया जाता है और इसे एक ही घूंट में खत्म किया जाता है।
साके कैसे बनती है
साके को बनाने की प्रक्रिया काफी जटिल होती है। इसे जापान के विशेष ब्राउन राइस से तैयार किया जाता है। सबसे पहले चावल की बाहरी परत हटा दी जाती है, फिर चावलों को अच्छे से धोकर फर्मेंट किया जाता है (जिसमें खमीर का उपयोग होता है)। इस फर्मेंटेशन प्रक्रिया के बाद इसमें अल्कोहल मिलाया जाता है, जिससे साके तैयार होती है। इस पूरी प्रक्रिया को पारंपरिक तरीके से किया जाता है, जो इस ड्रिंक को एक अनूठा स्वाद और गुण प्रदान करता है।
साके पीने के फायदे
हालांकि साके एक प्रकार की शराब है, लेकिन इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। साके में एडेनोसिन की अधिक मात्रा पाई जाती है, जो ब्लड वेसेल्स की सुकड़न को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा साके में ग्लूटामिक एसिड और आर्जिनिन भी होता है, जो शरीर के डिफेंस सिस्टम को मजबूत बनाता है।
साके में पाई जाने वाली पेप्टाइड्स रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इसके अलावा साके का सेवन त्वचा के लिए भी लाभकारी है। यह त्वचा में निखार लाता है और त्वचा के रंग को खराब होने से बचाता है। जापान में लोग मानते हैं कि यह ड्रिंक केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और खुशी भी प्रदान करती है।
साके की लोकप्रियता
जापान में साके सिर्फ एक शराब नहीं, बल्कि यह एक सांस्कृतिक धरोहर बन चुकी है। इसके सेवन को एक खास परंपरा के रूप में मनाया जाता है, और यह विभिन्न इवेंट्स और समारोहों का अहम हिस्सा है। अब जब इसे यूनेस्को द्वारा कल्चरल हेरिटेज के रूप में मान्यता मिली है, तो यह पूरे दुनिया में अपनी पहचान और भी मजबूत करेगा।
