सैनिटरी पैड महिलाओं के दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन क्या हो जब ये ही चीज आपकी जान पर बन जाए? क्या आपने कभी सुना है कि सैनिटरी पैड से सुई निकलना? जी, हां आपने सही सुना, 2021 में चीन की ये वीडियो काफी वायरल हुई थी। स्पेस 7 नाम की कंपनी का कहना था कि वे पूरी जांच कर रही हैं कि किस तरह इस घटना को अंजाम दिया गया, चीन के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म वीबो पर पोस्ट किए गए एक माफीनामे के अनुसार।
सैनिटरी पैड खोलते समय निकली सुई

ये घोषणा पूर्वी जियांग्शी प्रांत की एक महिला द्वारा वीबो पर एक वीडियो पोस्ट करने के बाद की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि स्पेस 7 सैनिटरी पैड को खोलते समय उसे उसमें एक सुई मिली। शेयर किए जाने के बाद से ही इस वीडियो ने खूब सुर्खियाँ बटोरीं और अगले दिन से ही माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म पर इससे जुड़े हैशटैग को 500 मिलियन से ज़्यादा बार देखा जा चुका था। वीडियो शेयर करने वाली महिला का कहना था कि अगर उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सुई पहले से ही वहाँ थी, तो इससे स्वास्थ्य को बहुत बड़ा खतरा है।
पीरियड्स गरीबी
आपको बता दें कि अधिक से अधिक कंपनियों ने बढ़ती मांग के बीच चीनी बाजार में स्त्री स्वच्छता उत्पाद पेश किए हैं। हालांकि, सैनिटरी पैड, यहां तक कि सबसे किफायती पैड जो लगभग 15 युआन ($2.30) में बिकते हैं – 1,000 युआन से कम मासिक आय वाले लाखों लोगों की पहुंच से बाहर हैं, जिससे पीरियड्स गरीबी पैदा होती है।
स्त्री स्वच्छता के लिए अभियान
इसी कारण सैनिटरी पैड को अधिक सुलभ और किफायती बनाने के लिए, सैकड़ों हजारों महिलाओं ने स्त्री स्वच्छता उत्पादों पर करों को खत्म करने और सभी के लिए पैड उपलब्ध कराने के लिए एक अभियान चलाया। इस बीच, सैनिटरी पैड से जुड़े स्वच्छता संबंधी मुद्दे कई लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं, क्योंकि लोग बढ़ती मांग के मद्देनजर महिलाओं की बुनियादी ज़रूरतों का फ़ायदा उठाने की कोशिश करते हैं। 2012 में, अधिकारियों ने लगभग 150 मिलियन युआन के घटिया सैनिटरी पैड बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जबकि 2017 में, एक महिला को अमेरिकी ब्रांड कोटेक्स के पैड के अंदर एक ज़िंदा कीड़ा मिला था।
ये जानकारी आपको जागरूक करने के लिए दी गई ताकि आप आगे से सतर्क रह सके। ऐसे ही अभी भी चीन में सैनेटरी पैड को लेकर चर्चा जारी है। जिसे आप यहां (China में घटिया क्वालिटी वाले Sanitary Pads पर विवाद, महिलाओं के लिए ये घोटाला Defective Products से है कहीं ज्यादा) पढ़ सकते हैं। चीन के अलावा दूसरे देशों में भी ऐसा हो सकता है, सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
भारत में Sanitary Pads की स्थिति

भारत में भी बेचे जा रहे सैनिटरी पैड्स में थैलेट और वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कम्पाउन्ड (वीओसी) जैसे ज़हरीले केमिकल्स पाए जा रहे हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। ये बात दिल्ली में पर्यावरण पर काम करने वाली संस्था टॉक्सिक्स लिंक द्वारा किए गए शोध में सामने आई है।
Sanitary Pads खरीदते समय न करें ये गलतियां
लेकिन सवाल ये उठता है कि सही सैनेटरी पैड का चुनाव कैसे करें। इसके लिए सबसे पहले आप ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड्स का चुनाव करें। आजकल बाजार में कई कंपनियों के ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड्स मिलते हैं जो बाइओडिग्रेड्डबल होने की वजह से पर्यावरण के लिहाज से भी अच्छे हैं। आप चाहें तो कॉटन के सैनिटरी पैड्स का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
खुशबूदार नैपकिन्स के बहकावे में बिल्कुल ना आएं। कंपनियां अपने प्रॉडक्ट्स को बेचने के लिए मार्केटिंग के नए-नए तरीके आजमाती हैं। ऐसे ही सैनिटरी नैपकिन्स को बेचने के लिए भी यही रूल फॉलो किया जाता है। ये दावा करते हैं कि इन पैड्स का इस्तेमाल करने से आप दिन भर महकती रहेंगी लेकिन खुशबू वाले सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करना गलत हो सकता है।
आपको बता दें कि लंबे समय तक सुगंधित सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करने से पैड्स में बैक्टीरिया के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही इस तरह के पैड्स की टॉप लेयर में खुशबू पैदा करने के लिए खतरनाक केमिकल्स का उपयोग किया जाता है।
सैनिटरी पैड खरीदते वक्त ध्यान रखें कि सिंथेटिक पैड्स का इस्तेमाल न करें। पैड्स का चुनाव अपने ब्लड फ्लो के आधार पर करें। माहवारी में हर चार से पांच घंटे के अंदर पैड्स को बदलें। एक ही पैड पूरे दिन इस्तेमाल ना करें। बदलते समय वैजाइना को भी पानी से साफ करें। हमेशा कॉटन की पैंटी का चुनाव करें क्योंकि इसमें आसानी से हवा पास होती है। माहवारी में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए पेन किलर्स जैसी दवाओं का इस्तेमाल ना करें बल्कि गर्म पानी से नहाएं या फिर दर्द वाली जगहों पर सिकाई करें।
हमें ये तो पता नहीं लग सकता कि उसके सुई हो सकती है या कोई और चीज, लेकिन इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच की जा सकती है ताकि कोई नुकसान न हो। ये आर्टिकल की प्ररेणा Sixthtone से ली गई है।
