मां बनने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन यह सपना कुछ लोगों के लिए सच नहीं हो पाता। ऐसे में कुछ दंपत्तियां अपने घर में बच्चे की किलकारी सुनने के लिए सरोगेसी का सहारा लेती हैं। इसके जरिए वे एक सरोगेट मां से बच्चा प्राप्त करते हैं, जो नौ महीने तक उनके बच्चे को गर्भ में पालती है। आज हम आपको एक ऐसी महिला से मिलवाने जा रहे हैं, जो न सिर्फ अपनी तीन बच्चों की मां है, बल्कि सरोगेट मदर भी बन चुकी है। यह महिला है येसेनिया लैटोरे (Yessenia Latorre), जिन्होंने सरोगेसी से कई परिवारों को संतान दी है।
सरोगेसी का धंधा नहीं, मदद है
येसेनिया लैटोरे ने अब तक कई बार सरोगेट मदर बनकर बच्चों को जन्म दिया है। वे अनजान मर्दों के भ्रूण को अपने गर्भ में पालती हैं और जन्म के बाद उस बच्चे को असली माता-पिता को सौंप देती हैं। इसके बदले में उन्हें गर्भावस्था के दौरान प्रति घंटे करीब 300 रुपये मिलते हैं, जो शायद कोई बड़ा पैसा नहीं लगता, लेकिन उनका मानना है कि उनका काम किसी के जीवन में खुशियां लाता है।
हालांकि कुछ लोग उनकी इस प्रक्रिया को ‘धंधा’ या ‘बिजनेस’ मानते हैं, जिससे उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। वेसेनिया का कहना है कि उन्होंने यह काम पैसे कमाने के लिए नहीं किया, बल्कि उन्होंने इसे दूसरों की मदद करने के रूप में देखा। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से गुजरने वाले परिवारों के चेहरे पर खुशी देखकर उन्हें मानसिक संतोष मिलता है।
सरोगेसी की शुरुआत कैसे हुई
येसेनिया ने अपने गर्भपात के अनुभव के बाद सरोगेसी की ओर रुख किया। उनका मानना है कि यह उनके जीवन का एक अहम मोड़ था। गर्भपात के बाद उन्हें यह एहसास हुआ कि वे दूसरों को मां बनने में मदद कर सकती हैं। यूट्यूब चैनल ट्रूली (Truly) से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मैं किसी अन्य महिला के बच्चे को पालूंगी, लेकिन गर्भपात ने मेरी सोच बदल दी।
परिवार को भी बताई सच्चाई
येसेनिया ने अपने तीन बच्चों, टायसन (6 वर्ष), ट्रे (5 वर्ष), और तामिर (8 सप्ताह), को इस बारे में बताया कि वह सरोगेसी के जरिए एक बच्चा पाल रही हैं, जो उनका नहीं है। उनके बच्चों ने इस बात को समझा और बाद में उन्होंने गर्भ में पल रहे शिशु के असली माता-पिता से भी मिलवाया।
समाज की आलोचना
जब येसेनिया ने अपनी सरोगेसी के अनुभव को ऑनलाइन साझा किया, तो उन्हें कई बार नफरत और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। लोग उन्हें अपना शरीर किराए पर देने का आरोप लगाते हैं। वेसेनिया ने इसका जवाब देते हुए कहा, मैंने यह अमीर बनने के लिए नहीं किया, बल्कि यह मेरा तरीका था दूसरों की मदद करने का।
सरोगेसी से मिलने वाली राशि
इन आलोचनाओं के बावजूद येसेनिया का कहना है कि उन्हें सरोगेसी से एक बड़ी रकम नहीं मिलती। हर घंटे के 300 रुपये के हिसाब से कुल 40 लाख रुपये मिलते हैं, जिसमें से 5-10 लाख रुपये उनका व्यक्तिगत खर्च होता है।
