अमृतसर के पूर्व सांसद और मशहूर नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने हाल ही में अपनी पत्नी नवजोत कौर के कैंसर मुक्त होने के बाद स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साझा किया और राजनीति में लौटने के संकेत दिए। सिद्धू ने अपनी पत्नी की लंबी बीमारी के दौरान उनके इलाज के अनुभवों को साझा करते हुए लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की सलाह दी।
नवजोत कौर के स्वस्थ होने पर खुशी व्यक्त की
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी नवजोत कौर के कैंसर मुक्त होने पर खुशी व्यक्त की। वह यह बताते हुए बेहद भावुक हुए कि उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए एलोपैथी का पूरा इलाज कराया, लेकिन आयुर्वेद पर भी उनका भरोसा कायम रहा। सिद्धू ने कहा कि इलाज भारत में और सरकारी अस्पतालों में किया गया, और उनका मानना है कि यदि कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ लिया जाए, तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। सिद्धू ने इस बात पर जोर दिया कि उनका परिवार अब पूरी तरह से ठीक है, लेकिन इस सफलता के बावजूद उन्होंने अपनी पत्नी को चिप्स खाने से भी मना किया है, क्योंकि स्वस्थ आहार भी अहम है।
स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार से की महत्वपूर्ण अपील
नवजोत सिंह सिद्धू ने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने निःशुल्क स्वास्थ्य कार्ड बनाने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि हर नागरिक को उचित इलाज मिल सके। सिद्धू का मानना है कि देश के नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और उपचार में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य कार्ड की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे लोग बीमारियों के बारे में जागरूक हो सकें और सही इलाज पा सकें।
दूषित पानी और शरीर के पी.एच. स्तर का महत्व
सिद्धू ने दूषित पानी के पीने को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया और कहा कि पानी का पी.एच. स्तर 7 होना चाहिए। उनका मानना है कि कैंसर जैसे गंभीर रोग अम्लीय शरीर में उत्पन्न होते हैं, और शरीर का 72 प्रतिशत हिस्सा पानी होता है, इसलिए शुद्ध और साफ पानी पीना बेहद जरूरी है।
सिद्धू का राजनीति में लौटने का इशारा
अपने परिवार के ख्याल रखने के बाद अब नवजोत सिंह सिद्धू ने राजनीति में सक्रिय होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा इंद्रधनुषी जीवन जिया है और अब भी अपनी बातों पर कायम हैं। वह किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, जो पार्टी हाईकमान उन पर डाले। सिद्धू का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि वह राजनीति में अपनी वापसी के लिए तैयार हैं।
