बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने हाल ही में ऐलोपैथ, होम्योपैथ और आयुर्वेद पद्धतियों के लिए राज्य में विशेष कॉलेज और अस्पतालों के निर्माण की घोषणा की। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए इन पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ बढ़ावा दिया जाएगा। पांडे ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धतियों से भी लोगों का इलाज किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।

121 करोड़ की लागत से बन रहे नए अस्पताल

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि मुजफ्फरपुर में राजकीय राय बहादुर टुनकी साह (आर.बी.टी.एस.) होम्योपैथिक चिकित्सा कॉलेज एवं अस्पताल के नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर 121.01 करोड़ रुपए की लागत आएगी, और यह काम जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। यह नया अस्पताल परिसर लगभग 5.5 एकड़ क्षेत्र में बनेगा और इसमें होम्योपैथी से संबंधित आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस अस्पताल होगा।

इस अस्पताल में 134 बेड का एक अस्पताल ब्लॉक, 336 बेड का छात्रावास और आवासीय भवन होगा। साथ ही यहां शैक्षणिक ब्लॉक, अस्पताल ब्लॉक, छात्रावास और आवासीय ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। निर्माणाधीन भवनों में विद्युत सब स्टेशन, सौर ऊर्जा प्रणाली, सीसीटीवी सुरक्षा जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। यह संस्थान होम्योपैथी के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के साथ-साथ राज्य के नागरिकों को प्रभावी इलाज मुहैया कराएगा।

राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में नया अध्याय

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस नई पहल से न केवल बिहार के चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार होगा, बल्कि मरीजों को बेहतर और समग्र इलाज की सुविधा भी प्राप्त होगी। उनका यह भी कहना था कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में समग्र विकास के लिए काम कर रही है। नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण से राज्य में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, और भावी डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा प्रशिक्षण मिलेगा।

आयुर्वेद, होम्योपैथ और ऐलोपैथी तीनों पद्धतियों का संतुलित विकास बिहार सरकार की प्राथमिकता है। पांडे ने बताया कि बिहार सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को उसकी पसंद और आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यही वजह है कि राज्य में पारंपरिक आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को भी पूरी तरह से सम्मान दिया जा रहा है, ताकि लोग अपनी सेहत के लिए इन पद्धतियों का लाभ उठा सकें।

चिकित्सा शिक्षा और उपचार में होगा सुधार

नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के निर्माण से बिहार के चिकित्सा शिक्षा और इलाज के स्तर में सुधार होगा। पांडे ने बताया कि इन संस्थानों में छात्र न केवल चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करेंगे, बल्कि उन्हें इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। इसका सीधा असर राज्य के नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा, क्योंकि इसके जरिए उन्हें नवीनतम उपचार पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद राज्य में कई नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित होंगे, जो बिहार को स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मुकाम प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है, ताकि राज्य के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर और सुलभ विकल्प मिल सके।

आखिरकार, यह कदम बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा, जहां आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां एक साथ विकसित हो रही हैं और इससे राज्य के नागरिकों को अधिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

By tnm

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