उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए एक नई योजना की शुरुआत करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। यह पहल बच्चों को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और ऊर्जा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इस योजना को नवंबर महीने से लागू करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि ठंड का मौसम शुरू हो चुका है, और इस मौसम में बच्चों को खास तरह के पौष्टिक नाश्ते की जरूरत होती है।

योजना का बजट और चरणबद्ध क्रियान्वयन

इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 95 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जो पहले चरण में लागू होगा। योजना के अंतर्गत बच्चों को ठंड के मौसम में विशेष पोषक नाश्ते उपलब्ध कराए जाएंगे, जो उनके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होंगे। इन नाश्तों में बाजरे के लड्डू, मूंगफली की चिक्की, भुना चना और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल होंगे, जिससे बच्चों को आवश्यक पोषण मिलेगा। इस प्रकार, न केवल उनके शरीर की ताकत बढ़ेगी, बल्कि उनका मानसिक और शारीरिक विकास भी संतुलित रहेगा।

मिड-डे मील योजना: छात्रों को मिल रहा लाभ

यूपी में पहले से ही पीएम पोषण योजना (PM Poshan Scheme) के तहत कक्षा 1 से 8 तक के 1.74 करोड़ छात्रों को मिड-डे मील प्रदान किया जा रहा है। इस मिड-डे मील में विभिन्न प्रकार के भोजन होते हैं, ताकि बच्चों की रुचि बनी रहे और उनका पोषण संतुलित रूप से हो सके। इसके अलावा, बच्चों को 100 से 150 ग्राम अनाज भी दिया जाता है, जिससे उनकी ऊर्जा स्तर में सुधार होता है। अब, इस योजना में पौष्टिक स्नैक्स को भी जोड़ा जा रहा है, जिससे बच्चों को और भी पोषक तत्व मिलेंगे।

रसोइयों की नियुक्ति और उनकी प्रशिक्षण

इस योजना के काम में सफलता सुनिश्चित करने के लिए यूपी सरकार ने 3.72 लाख रसोइयों की नियुक्ति की है, जो बच्चों के लिए मिड-डे मील और पौष्टिक स्नैक्स तैयार करेंगे। इन रसोइयों को हर महीने 2000 रुपये का मानदेय मिलेगा, साथ ही साल में एक बार यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा रसोइयों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे बच्चों के लिए स्वादिष्ट, सुरक्षित और पोषक भोजन तैयार कर सकें। इस योजना में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चों को सर्वोत्तम खाद्य पदार्थ मिलें।

सोशल ऑडिट और गुणवत्ता की निगरानी

यूपी सरकार ने इस योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। सोशल ऑडिट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को सही पोषण मिल रहा है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता उच्च स्तर की हो। इसके अलावा, इस योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की निगरानी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और सुनिश्चित किया है कि नाश्ते की गुणवत्ता की जांच के लिए सोशल ऑडिट किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना के तहत बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह पहल बच्चों को ठंड के मौसम में विशेष नाश्ते की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे उनकी सेहत में सुधार होगा और उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होगा।

By tnm

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