भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), अब हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने जा रही है। कंपनी के चेयरपर्सन, सिद्धार्थ मोहंती ने 8 नवंबर को एक कॉन्फ्रेंस कॉल में इस बारे में जानकारी दी कि एलआईसी अगले कुछ महीनों में हेल्थ इंश्योरेंस के बाजार में प्रवेश कर सकती है। मोहंती ने यह भी बताया कि कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष के समाप्त होने तक एक स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रही है।

एलआईसी का हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में कदम

मोहंती ने इस बारे में जानकारी दी कि कंपनी हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में विस्तार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद एलआईसी एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदेगी, जो उसे इस नए क्षेत्र में प्रवेश करने का मौका देगा। हालांकि उन्होंने अभी तक उस विशेष हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का नाम नहीं बताया है, जिसमें एलआईसी निवेश करने जा रही है।

इससे पहले एलआईसी के चेयरपर्सन ने जून तिमाही के नतीजे जारी करते वक्त भी संकेत दिया था कि एलआईसी वित्त वर्ष 2025 तक हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में अधिग्रहण कर सकती है। इस नए कदम से एलआईसी की रणनीति स्पष्ट होती है कि कंपनी अब अपने पारंपरिक जीवन बीमा कारोबार के अलावा स्वास्थ्य बीमा बाजार में भी अपनी पहचान बनाना चाहती है।

एलआईसी के नए नियमों के अनुसार बीमा उत्पादों का डिजाइन

चेयरपर्सन ने इस दौरान 1 अक्टूबर से लागू हुए सरेंडर वैल्यू के नए नियमों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एलआईसी ने अपने बीमा उत्पादों को नए नियमों के अनुसार फिर से डिजाइन किया है और यह पूरी तरह से इन नियमों का पालन कर रही है। इस कदम का उद्देश्य बीमा उत्पादों में पारदर्शिता और नीति धारकों के हितों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

सितंबर तिमाही में एलआईसी का मुनाफा

सितंबर तिमाही में एलआईसी का शुद्ध मुनाफा 3.75 प्रतिशत घटकर 7,729 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 8,030.28 करोड़ रुपये था। इस गिरावट का मुख्य कारण बाजार में मौजूद अनिश्चितताएं और अन्य वित्तीय दबाव रहे। हालांकि, कंपनी का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.72 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही में 1.95 प्रतिशत था, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।

इस दौरान, एलआईसी की नेट प्रीमियम इनकम इस तिमाही में 1.52 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 1.2 लाख करोड़ रुपये थी। इस आंकड़े में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो यह साबित करता है कि एलआईसी का जीवन बीमा कारोबार अभी भी मजबूत है, हालांकि मुनाफे में थोड़ी गिरावट आई है।

एलआईसी के शेयर में मजबूती

एलआईसी के शेयरों में पिछले एक साल में काफी मजबूती आई है। कंपनी के शेयर की कीमत में लगभग 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत है। वर्ष 2024 में अब तक एलआईसी के शेयर 6 प्रतिशत चढ़ चुके हैं, हालांकि पिछले एक महीने में शेयर की कीमत में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई है। 8 नवंबर को एलआईसी का शेयर 1.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 915.55 रुपये पर बंद हुआ था।

भविष्य में एलआईसी की रणनीतियां

एलआईसी का हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में कदम रखना कंपनी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति हो सकती है, जो उसे जीवन बीमा के अलावा स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में भी एक मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी। हेल्थ इंश्योरेंस का बाजार भारत में तेजी से बढ़ रहा है, खासकर महामारी के बाद, जब लोगों में स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता का एहसास बढ़ा है।

एलआईसी की रणनीति का उद्देश्य ग्राहकों को एक व्यापक बीमा समाधान प्रदान करना है, जिसमें जीवन बीमा के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा भी शामिल हो। इसके जरिए कंपनी न केवल अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ा सकती है, बल्कि अपने प्रोडक्ट्स की विविधता भी बढ़ा सकती है।

By tnm

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