प्रेगनेंसी की खबर जब एक महिला अपने घर बताती है तो सभी बहुत खुश होते हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा खुश वो महिला होती है, क्योंकि उसके अंदर एक नन्ही जान पल रही होती है। ये एक खास पल होता है। लेकिन कई बार मिसकैरेज हो जाता है जिसके चलते उनके मां बनने का सपना अधूरा रह जाता है। जानकारी के अनुसार दुनिया में हर साल 2.3 करोड़ महिलाओं का मिसकैरेज होता है। तो चलिए यहां जानते हैं कि आखिर मिसकैरेज के क्या कारण होते हैं।
गाइनेकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि पहली तिमाही में मिसकैरेज का सबसे बड़ा कारण भ्रूण के क्रोमोसोम में गड़बड़ी, डायबिटीज, थायरॉइड, मोटापा, PCOD हो सकता है। नशे के कारण भी ये हो सकता है। कई बार इंफेक्शन, प्लेसेंटा और सर्विक्स से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण बनती है। लेकिन तीन बड़े कारण इसके ये हो सकते हैं।
माता को हेल्थ प्रॉब्लम्स
अगर जन्म देने वाली महिला को हॉर्मोंस इम्बैलेंस, थायरॉइड और डायबिटीज जैसी समस्याए हैं, तो मिसकैरेज का ज्यादा खतरा रहता है। प्रेगनेंट महिला को अगर टोक्सोप्लाज्मा, रूबेला, साइटोमेगालोवायरस या हर्पीज इंफेक्शन हो तो गर्भ गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। यदि गर्भाशय की शेप टी-शेप हो गई है, सर्विक्स कमजोर है, फाइब्रॉइड, दिल और किडनी से जुड़ी बीमारियां, खून के थक्के जमाने वाली बीमारियां भी गर्भपात का कारण बनती हैं।
आसपास का वातावरण
दवाईयों का सेवन भी मिसकैरेज का कारण हो सकता है। इसके अलावा पॉल्यूशन, जहरील गैसों जैसे घातक तत्व भी मिसकैरेज का खतरा बढ़ा देते हैं।
भ्रूण में कुछ गड़बड़
डॉक्टर्स का कहना है कि मिसकैरेज की प्रमुख तौर पर तीन वजहें होती हैं, भ्रूण में कुछ गड़बड़, माता को हेल्थ प्रॉब्लम्स और आसपास का पर्यावरण. फीटस में क्रोमोसोम से जुड़ी किसी तरह की गड़बड़ी होने पर गर्भपात का खतरा हो जाता है।
ये वजहें भी हो सकती हैं जिम्मेदार
तनाव, पूरा पोषण न मिलना, ज्यादा उम्र, पहले मिसकैरेज हुआ है तो भी, जेनेटिक समस्याएं भी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
