बिहार और झारखंड में मनाया जाने वाला छठ महापर्व 5 नवंबर से नहाय-खाय के साथ शुरू हो चुका है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें प्रत्येक दिन का विशेष महत्व है। 6 नवंबर को छठ महापर्व के दूसरे दिन को “खरना” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं निरजल व्रत रखती हैं और पूजा-पाठ करती हैं। इस दिन एक विशेष प्रसाद “रसियाव भात” तैयार किया जाता है, जो छठी मैय्या को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
रसियाव भात का महत्व और पोषण
रसियाव भात, जो मुख्य रूप से दरदरे गेहूं (cracked wheat) और गुड़ से बनता है, खासकर छठ पर्व के दौरान बनाए जाने वाले स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर प्रसादों में से एक है। यह खीर मिट्टी के चूल्हे पर पकाई जाती है और फिर केले के पत्ते पर रखकर छठी मैय्या को अर्पित की जाती है। इस प्रसाद की खासियत यह है कि यह स्वाद के साथ-साथ शरीर के लिए बेहद लाभकारी भी है।
रसियाव भात के फायदे
पाचन में सुधार
दरदरा गेहूं (cracked wheat) फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक है और आंतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
ऊर्जा का स्रोत
गेहूं और ड्राईफ्रूट्स में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस प्रसाद को खाने से पूरे दिन ताजगी बनी रहती है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो दिनभर की मेहनत करते हैं।
वजन घटाने में सहायक
दरदरा गेहूं में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे भूख कम लगती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह वजन घटाने में भी मदद कर सकता है।
हड्डियों के लिए फायदेमंद
कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर यह प्रसाद हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से दरदरे गेहूं की खीर खाने से हड्डियों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
ब्लड शुगर नियंत्रित करना
दरदरा गेहूं धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। यह विशेष रूप से डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
रक्त की गुणवत्ता में सुधार
गुड़ और दरदरे गेहूं में आयरन होता है, जो खून की गुणवत्ता को बढ़ाता है और शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
रसियाव भात बनाने की विधि
- चावल – 1 कप (भीगे हुए)
- गुड़ – 1 कप (कद्दूकस या छोटे टुकड़ों में कटा हुआ)
- पानी – 3 कप
- देसी घी – 1-2 बड़े चम्मच
- लौंग – 2-3
- छोटी इलायची – 2-3 (दरदरी पीसी हुई)
- सूखे मेवे – बादाम, काजू, किशमिश (स्वाद अनुसार)
बनाने की विधि
सबसे पहले चावल को धोकर 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इससे चावल पकाने में आसानी होगी। एक पैन में पानी गरम करें और उसमें गुड़ डालकर उसे अच्छे से घुलने दें। जब गुड़ पानी में घुल जाए, तो इसे छान लें ताकि उसमें कोई गंदगी या कचरा न रहे। अब एक बर्तन में घी गरम करें। उसमें लौंग और इलायची डालें। इसके बाद भीगे हुए चावल डालकर कुछ मिनट के लिए भूनें। अब छना हुआ गुड़ का पानी डालें और अच्छी तरह मिला लें। इसे मध्यम आंच पर पकने दें। जब चावल लगभग पक जाएं और पानी सूखने लगे, तब इसे धीरे-धीरे हिलाएं ताकि चावल टूटें नहीं। अंत में सूखे मेवे डालें और मिश्रण को ढककर 5-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें, ताकि सभी स्वाद अच्छे से एक-दूसरे में घुल जाएं। गैस बंद करें और चावल को कुछ मिनट के लिए ढका रहने दें। रसियाव भात तैयार है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लें।
