डिलीवरी के बाद महिलाओं को कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलावों का सामना करना पड़ता है, जिनमें बगल में गांठ (Armpit Lumps) की समस्या को भी शामिल किया जा सकता है। यह समस्या अक्सर स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में देखने को मिलती है, लेकिन इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। बगल में गांठ का होना चिंता का कारण भी हो सकता है लेकिन ज्यादातर मामलों में ये गांठें गंभीर नहीं होती और उचित देखभाल से ठीक हो सकती हैं। इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं कि डिलीवरी के बाद बगल में होने वाली गांठ के कारण और इसे कम करने के तरीके ।

गांठ के कारण

फैटी टिश्यू इकट्ठे होना

कुछ महिलाओं में फैटी टिश्यू इकट्ठे होना भी गांठ का कारण बन सकते हैं। यह अक्सर बड़ी समस्या का कारण नहीं होता लेकिन कभी-कभी डॉक्टर से सलाह लेना जरुरी होता है।

हार्मोनल बदलाव

डिलीवरी के बाद शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन जैसे हार्मोनों में बदलाव होते हैं जिससे स्तनों में सूजन और गांठ बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह अक्सर दूध बनने की प्रक्रिया से संबंधित होती है।

दूध का इकट्ठा होना (मिल्क क्लॉगिंग)

स्तनपान करवाने के दौरान कभी-कभी दूध की नलिकाएं (डक्ट्स) बंद हो जाती हैं, जिससे दूध बगल की ओर जमा हो सकता है और गांठ का रूप ले सकता है। इसे मिल्क क्लॉगिंग कहते हैं। इसमें महिला को दर्द हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर गंभीर नहीं होता।

लिम्फ नोड्स में सूजन

यह शरीर की इम्यूनिटी पॉवर का हिस्सा होते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव और संक्रमण के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है, जिससे बगल में गांठ उत्पन्न हो सकती है।

ऐसे करें इससे बचाव

मालिश करें

बगल में गांठ होने पर धीरे-धीरे मालिश करने से दूध की नलिकाओं को खोलने में मदद मिलेगी। नहाने के दौरान या गर्म पानी की सिंकाई के बाद बगल और स्तन की ओर हल्की मालिश करें, जिससे जमे हुए दूध को बाहर निकालने में भी मदद मिलेगी।

उचित ब्रा पहनें

सही साइज की ब्रा पहनना बहुत जरूरी है, ताकि स्तनों को उचित सपोर्ट मिल पाए और दूध की नलिकाएं सही ढंग से काम कर सकें। ज्यादा तंग ब्रा पहनने से दूध की नलिकाएं बंद हो सकती हैं और गांठ बनने की संभावना भी बढ़ सकती है।

स्तनपान के बाद स्तनों को खाली करें

स्तनपान के बाद यदि दूध बचा रहता है, तो पंप या हाथ से स्तनों को पूरी तरह से खाली करने की कोशिश करें। इससे दूध जमने से बचेगा और गांठ बनने की संभावना भी कम होगी।

गर्म पानी से करें सिंकाई

बगल की गांठ को कम करने के लिए गर्म पानी से सिंकाई एक सही तरीका रहेगा। गर्म पानी से प्रभावित स्थान पर धीरे-धीरे सिंकाई करें, इससे रक्त प्रवाह बढ़ेगा और दूध के जमे हुए हिस्से ढीले हो सकेंगे।

स्तनपान कराना जारी रखें

यदि गांठ मिल्क क्लॉगिंग के कारण होती है, तो स्तनपान जारी रखना बहुत जरुरी है। यह दूध की नलिकाओं को खाली करने और गांठ को कम करने में मदद करेगी। बच्चे को सही ढंग से स्तनपान करवाने की तकनीक सीखें ताकि दूध का प्रवाह बेहतर हो पाए।

यदि, बगल में गांठ में दर्द हो और वह कुछ दिनों में ठीक न हो, गांठ के साथ बुखार आना, मूवमेंट करने में परेशानी, ब्रेस्टफीडिंग में परेशानी जैसी समस्याएं होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *