लखनऊ में डेंगू मरीजों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस फेस्टिव सीजन में लखनऊ में कुल 1428 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। महज 19 दिनों के भीतर 1000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्या है डेंगू
डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो मुख्यतः एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से फैलता है। यह संक्रमण बारिश के मौसम में तेजी से फैलता है, जब मच्छरों की संख्या में वृद्धि होती है। डेंगू के कारण होने वाले लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। गंभीर मामलों में, रक्तस्राव भी हो सकता है, जिसे डेंगू हेमोरेजिक फीवर कहा जाता है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार होना
सिरदर्द की समस्या होना
आंखों के पीछे दर्द होना
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
थकान और कमजोरी होना
त्वचा पर चकत्ते होना
गंभीर मामलों में नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव होना
डेंगू से बचाव के उपाय
मच्छरों से बचाव
अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें। पानी के बर्तन, कूलर और फूलदान आदि को नियमित रूप से साफ करें।
सुरक्षित कपड़े पहनें
पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें ताकि शरीर का अधिकतम हिस्सा ढका रहे।
मच्छरदानी का उपयोग
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
मच्छर भगाने वाली दवाओं का छिड़काव
बारिश के बाद घर के आसपास मच्छर भगाने वाले रसायनों का छिड़काव करें।
साफ-सफाई
सार्वजनिक स्थलों पर पानी न रुकने दें और नियमित रूप से साफ-सफाई करें।
फ्लाई स्क्रीन का उपयोग
अपने घर की खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छररोधी जाल लगवाएं।
चिकित्सकीय सलाह
डेंगू का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, लेकिन इसकी रोकथाम बहुत आवश्यक है। यदि किसी को डेंगू के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह पर आराम करें, पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन करें और बुखार कम करने के लिए पैरासिटामोल जैसी दवाएं लें।
