यदि आप डिप्रेशन से ग्रसित हैं और आत्महत्या के विचार आपके मन में आ रहे हैं, तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। सहारनपुर में शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में डिप्रेशन और आत्महत्या करने की सोच रखने वाले लोगों का प्रभावी इलाज संभव हो गया है। यह इलाज ईसीटी (Electroconvulsive Therapy) थेरेपी के जरिए किया जाता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपाय बनकर उभरा है।
ईसीटी क्या है
ईसीटी एक विद्युत्-आक्षेपी चिकित्सा है, जिसे आमतौर पर ‘आघात चिकित्सा’ या ‘बिजली के झटके’ के नाम से जाना जाता है। यह एक जैविक उपचार है, जिसमें रोगी के सिर पर इलेक्ट्रोड लगाकर उसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, जिससे मस्तिष्क तक सकारात्मक प्रभाव पहुंचाया जाता है। यह विशेष रूप से उन अवसाद के रोगियों के लिए प्रभावी होती है, जिन पर औषधीय उपचार प्रभावी नहीं होते।
कैसे काम करती है ईसीटी
एक्सपर्ट्स के अनुसार ईसीटी थेरेपी का प्रयोग तब किया जाता है जब मरीज में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या के विचार प्रबल हो जाते हैं। प्रक्रिया की शुरुआत एनेस्थीसिया देने से होती है, जिसके बाद मरीज को अर्ध बेहोशी की अवस्था में लाया जाता है। इसके बाद मशीन के माध्यम से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें छोड़ी जाती हैं, जो मस्तिष्क के तंतुओं को डिस्चार्ज करती हैं।
इस प्रक्रिया से पहले मरीज को कई परीक्षणों से गुजरना होता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह ईसीटी के लिए उपयुक्त है। ईसीटी कराने के बाद मरीज को 15 दिन तक अस्पताल में ही भर्ती रखा जाता है, इस दौरान उन्हें दवाइयां भी दी जाती हैं।
अवसाद के लक्षण क्या है
मन का उदास रहना
नींद न आना
आत्महत्या के ख्याल आना
अपने आप को बेकार समझना
नींद में गड़बड़ होना
चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना
कानों में आवाजें आना
शक और भ्रम होना
इन लक्षणों के चलते मरीजों की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, और यह उनकी मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
सही समय पर सहायता लेना
यह बेहद महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ से संपर्क करें। ईसीटी जैसे प्रभावी उपचार के जरिए न केवल डिप्रेशन का इलाज किया जा सकता है, बल्कि आत्महत्या के विचारों से भी राहत मिल सकती है।
सहारनपुर में उपलब्ध इस चिकित्सा विधि से अब मरीजों को उम्मीद की एक नई किरण मिली है। ऐसे मरीज जो पहले बिना सहारे के भटकते थे, अब उनके पास एक प्रभावी चिकित्सा विकल्प है, जो उनकी ज़िंदगी को पुनः संवार सकता है।
इस प्रकार ईसीटी थेरेपी ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान की है, और यह दर्शाती है कि सही उपचार के माध्यम से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
