दौड़ते भागते या तेजी से चलते हुए सीने में होने वाले दर्द को हम अक्सर हल्के में नहीं लेते हैं लेकिन कई बार यह संकेत किसी बड़ी परेशानी का लक्षण हो सकता है। दरअसल, किसी भी तरह की बीमारी के शुरु होने पर शरीर कुछ तरह के संकेत देता है, ठीक ऐसे ही जब हृदय तक रक्त पहुंचने की प्रक्रिया में बाधा आती है तो इससे कुछ लोगों को गर्दन, कंधे, पीठ, जबड़े या बांह में भी महसूस हो सकता है। यह एंजाइना (Angina) का संकेत हो सकता है। इसमें व्यक्ति को मुख्य रूप से छाती या फिर सीने में तेज दर्द महसूस होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि एंजाइना बीमारी नही है। जब कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) होता है तो उसकी वजह से उत्पन्न सीने में दर्द को एंजाइना कहते हैं। आइए आज इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं एंजाइना के कारण, लक्षण और इलाज।

एंजाइना के प्रकार

. स्थिर एंजाइना (Stable Angina) ।

. अस्थिर एंजाइना (Unstable Angina) ।

. प्रिंजमेटल एंजाइना (Prinzmetal’s Angina या Variant Angina) ।

कारण

इसका मुख्य कारण हृदय की नसों (धमनियों) में अवरोध होता है जिससे हृदय को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता। इसके कारण आगे बताए गए हैं।

हृदय की धमनियों का संकुचन

कुछ मामलों में, धमनियों में अचानक संकुचन या स्पैज्म हो सकता है, जिससे हृदय को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता।

डायबिटीज

मधुमेह भी हृदय की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है और एंजाइना का खतरा बढ़ा सकता है।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD)

यह तब होती है जब धमनियों में प्लाक (कोलेस्ट्रॉल, फैट, और अन्य पदार्थ) जमा हो जाता है इससे रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर

लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहना भी हृदय पर ज्यादा दबाव डालता है, जिससे एंजाइना हो सकता है।

लक्षण

इसके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं और वे कुछ समय के लिए बने भी रह सकते हैं।

सांस संबंधी तकलीफ

सांस लेने में कठिनाई महसूस करना।

पसीना आना

बिना किसी कारण के पसीना आना।

मतली या उल्टी

कुछ मामलों में पेट की तकलीफ या उल्टी की संभावना भी हो सकती है।

थकान

हल्की गतिविधि के बाद भी ज्यादा थकान होना।

छाती में दर्द या दबाव

यह दर्द अक्सर बाई ओर होता है और भारीपन, जलन, या संकुचन की तरह महसूस हो सकती है।

थकान

हल्की गतिविधि के बाद भी ज्यादा थकान होना।

शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द

दर्द या असुविधा गर्दन, कंधे, बांह, या पीठ में फैल सकती है।

उपचार

एंजाइना का उपचार उसके प्रकार, गंभीरता, और मरीज की चिकित्सा स्थिति पर निर्भर करता है। इस स्थिति में डॉक्टर मरीज को दवाओं और सर्जरी के साथ लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह देते हैं।

कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स

ये धमनियों के संकुचन को कम करती हैं और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाती हैं।

एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग

इस प्रक्रिया में ब्लॉक हुई धमनियों को खोलने के लिए स्टेंट लगाए जाते हैं।

नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin)

यह दवा एंजाइना के दर्द से तुरंत राहत देने के लिए इस्तेमाल होती है। यह धमनियों को फैलाकर रक्त प्रवाह को बेहतर बनाती है।

बाईपास सर्जरी

यह तब की जाती है जब एंजियोप्लास्टी से समस्या का समाधान नहीं होता। इसमें ब्लॉक धमनियों के आसपास एक नया मार्ग बनाया जाता है ताकि रक्त का प्रवाह अच्छे से हो पाए।

बीटा ब्लॉकर्स

यह दवाईयां हृदय की धड़कन को धीमा करती हैं और हृदय पर दबाव कम करती हैं।

एस्पिरिन (Aspirin)

यह रक्त को पतला करती है और रक्त के थक्के बनने से रोकने में मदद करती है।

इस बात का भी रखें ध्यान

इसके अलावा डॉक्टर मरीज की लाइफस्टाइल में कई जरुरी बदलाव कर सकते हैं। रोगी को धूम्रपान और शऱाब छोड़ने की सलाह दी जाती है। वहीं रोजाना व्यायाम और वजन को कंट्रोल रखने के लिए भी कहा जाता है। इस समस्या के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में आप तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें।

By tnm

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