भारत के अरुणाचल प्रदेश से एक खबर सामने आई है। जहां डॉक्टरों ने आंखों से जुड़ी दुर्लभ बीमारी ‘रेटिनोपैथी ऑफ प्री मैच्योरिटी’ प्लस से पीड़ित एक महीने की बच्ची की सफल सर्जरी की है। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को एनेस्थीसिया दिया गया, उसके बाद इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ का उपचार दिया गया।
क्या है Retinopathy of Prematurity?

जो बच्चे समय से पहले पैदा होते हैं, उन्हें ये आंख की स्थिति परेशान करती है। खासकर उन्हें जो 31 सप्ताह से पहले जन्में हो। इसमें बच्चे के रेटिना में असामान्य रक्त वाहिकाएं बनती हैं। इससे बढ़ती उम्र के साथ अंधेपन का खतरा होता है। वैसे तो ये बीमारी रेयर डिजीज है और बिना उपचार के ठीक हो सकतr है। पर कुछ ऐसे केस होते हैं जिनमें सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
अब डॉक्टर ये ही प्रार्थना कर रहे हैं कि जिस एक महीने की बच्ची की सर्जरी की है उसे आगे भविष्य में कोई आंखों की दिक्कत न हो। डॉक्टरों का कहना है कि इस सफल सर्जरी के बाद पूरे राज्य में एक नई उम्मीद पैदा हो गई है। ये अरुणाचल प्रदेश में उन्नत चिकित्सा तकनीकों का उपयोग और उपलब्धता का एक बड़ा उदाहरण है।
