भारत में मंकीपाक्स के बढ़ते नए मामलों के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एहतियाती कदम उठाने के लिए नए दिशानिर्देश दे दिए हैं। सरकार ने Mpox के संदिग्ध मामलों को आइसोलेट करने और इंफेक्शन की रोकथाम के लिए सख्त उपाय लागू करने की सलाह दी है। बता दें कि देश में हाल ही में ‘क्लेड 1b’ स्ट्रेन का पहला मामला सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। यह स्ट्रेन तेजी से फैलता है और गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है।
बड़ी लैब में भेजे जाएंगे नमूने
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने राज्यों से ‘Mpox’ के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के त्वचा के घावों के नमूने तुरंत बड़ी लैब्स में भेजने के लिए कहा है। पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों के नमूने ‘क्लेड’ के जांच के लिए पुणे स्थित ICMR-NIV भेजे जाएंगे। देश भर में 36 ICMR लैब्स और तीन कमर्शियल PCR किट उपलब्ध हैं।

अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाने के दिए निर्देश
राज्यों को अस्पतालों में ‘Mpox’ के संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने और प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। दिशानिर्देशों में लोगों को बीमारी, इसके फैलने के तरीकों और समय पर रिपोर्टिंग एवं निवारक उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रयास करने के लिए कहा गया है।
भारत में Mpox के अब तक 2 मामले आए सामने
भारत में Mpox के अब तक दो मामले सामने आए हैं। पहला मामला हरियाणा के हिसार के 26 वर्षीय व्यक्ति का था, जो पिछले महीने West African Clade 2 स्ट्रेन से संक्रमित पाया गया था। यह स्ट्रेन जुलाई 2022 से भारत में सामने आए 30 मामलों जैसा था। दूसरा मामला 38 वर्षीय व्यक्ति का था, जिसने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा की थी और पिछले हफ्ते Mpox के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे केरल के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका परीक्षण ‘क्लेड 1b’ स्ट्रेन के लिए पॉजिटिव आया।
Mpox Clade 1 क्या है?
मंकीपॉक्स नाम एक वायरस के दो प्रकार होते हैं क्लैड I और क्लैड II। क्लैड I मध्य और पूर्वी अफ्रीका में वर्तमान मामलों की वृद्धि के लिए जिम्मेदार है। ऐतिहासिक रूप से क्लैड I ने क्लैड II की तुलना में अधिक संख्या में गंभीर बीमारियों का कारण बनता है जिसमें से 10% तक लोगों की मृत्यु हो गई। अफ्रीका के बाहर हाल ही में स्वीडन और थाईलैंड से Mpox क्लेड 1b का एक-एक मामला सामने आया है। तेजी से फैलने वाले इस Mpox स्ट्रेन की रिपोर्ट करने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश है।

लक्षण
एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि क्लेड-1 आमतौर पर अधिक गंभीर लक्षण पैदा करता है जैसे तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और लिम्फ नोड्स का बढ़ना। इस किस्म के लक्षण इंफेक्शन के एक से इक्कीस दिन बाद कहीं भी दिखाई देते हैं, हालांकि वे अक्सर एक सप्ताह के अंदर ही दिख सकते हैं। आमतौर पर दो से चार हफ्ते तक रहने वाले लक्षण कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
Mpox से बचने और रोकथाम के उपाय
मृत्यु दर मंकीपॉक्स वायरस के विभिन्न स्ट्रेन के बीच अलग होती है, जिसमें क्लैड I सबसे खतरनाक होता है। मंकीपॉक्स की रोकथाम में अच्छी स्वच्छता बनाए रखना, सुरक्षित यौन संबंध बनाना, संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचना और सुरक्षा के सभी उपायों पर काम करना शामिल हैं।
