हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे जिले के इंदापुरम इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक गर्भवती महिला और उसके चार महीने के भ्रूण की मौत हो गई। आरोप है कि महिला के ससुराल वालों ने जबरन उसका गर्भपात (अबॉर्शन) कराया, जिसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के चलते महिला और उसके गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है, और पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है।
चार महीने की गर्भवती थी महिला
घटना में मृतक महिला अपने पति, सास-ससुर और दो बच्चों के साथ इंदापुरम के एक घर में रहती थी। महिला पहले से ही एक बेटे और एक बेटी की मां थी और यह उसकी तीसरी गर्भावस्था थी। पुलिस को संदेह है कि ससुराल पक्ष ने भ्रूण का लिंग परीक्षण करवाया था और जब उन्हें पता चला कि गर्भ में बेटी है, तो उन्होंने अबॉर्शन कराने का फैसला किया। भारतीय कानून के अनुसार भ्रूण का लिंग परीक्षण और उसके आधार पर गर्भपात कराना अवैध है, लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाएं अभी भी कुछ इलाकों में होती हैं।
घर में ही जबरन कराया गया अबॉर्शन
महिला के ससुराल वालों ने गर्भपात कराने के लिए एक निजी डॉक्टर को बुलाया और घर में ही गर्भपात करवा दिया। अबॉर्शन के दौरान महिला का अत्यधिक खून बहने लगा, लेकिन ससुराल वालों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया। जब महिला की हालत और बिगड़ने लगी, तब उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं, ससुराल वालों ने चार महीने के भ्रूण को अपने फार्महाउस के खेत में दफना दिया, जिससे उनका अपराध और भी गंभीर हो गया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद महिला के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। इंदापुरम पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को महिला की हालत बिगड़ गई थी, लेकिन उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 91, 90 और 85 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसकी सास के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही अन्य दोषियों की भी गिरफ्तारी की संभावना है।
इलाके में आक्रोश
इस हृदयविदारक घटना से पूरे इंदापुरम इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने इस घिनौनी घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ हो रही इस तरह की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर से समाज में लिंग भेदभाव और भ्रूण हत्या जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है, जो आज भी देश के कुछ हिस्सों में प्रचलित हैं। पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है और हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इस घटना ने ना केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई अभी अधूरी है।
