आजकल की खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक लीवर की भी समस्या है। दरअसल आज अधिकांश लोग लीवर की बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में डॉ. एस के सरीन जो नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलेरी साइंसेज के डायरेक्टर हैं, देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित लिवर विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में लिवर की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डॉ. सरीन के अनुसार यदि आपका लिवर स्वस्थ है, तो यह आपके संपूर्ण व्यक्तित्व में निखार ला सकता है। लिवर को हमारी कुछ गलत आदतों से भारी नुकसान हो सकता है, और अगर इन्हें समय रहते नहीं बदला गया, तो इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ साधारण सी आदतें हमारी जिंदगी को बेहतर बना सकती हैं, बशर्ते हम उन्हें सही ढंग से अपनाएं।
लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली तीन मुख्य चीजें

डॉ. सरीन ने लिवर डैमेज के तीन बड़े कारण बताए, जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में आम हैं। पहला कारण है पेनकिलर। जब भी हल्का सिरदर्द या शरीर में दर्द होता है, लोग बिना सोचे-समझे पेनकिलर का सेवन कर लेते हैं। दूसरा कारण है एंटीबायोटिक दवाइयां। जब हम बाहर का खाना खाते हैं और डरते हैं कि हमें इंफेक्शन न हो जाए, तो लोग एंटीबायोटिक दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं। तीसरा कारण है टीबी की दवाइयां। ये तीन दवाइयां लिवर के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं, और इनका अधिक सेवन लिवर को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है। डॉ. सरीन ने जोर देकर कहा कि छोटी-मोटी बीमारियों के लिए हमें अपने शरीर को खुद ही उनसे लड़ने का मौका देना चाहिए, और मेडिसिन का सेवन केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही करना चाहिए।
बीमारी से ठीक होने में विल पावर की भूमिका

डॉ. सरीन ने यह भी कहा कि छोटी-मोटी बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं, बशर्ते हमारी मानसिक शक्ति मजबूत हो। उन्होंने एक किस्सा साझा किया जिसमें उनके एक दोस्त को रात में तबीयत खराब हो गई थी। जब डॉ. सरीन ने उन्हें दवा देने की पेशकश की, तो उनके दोस्त ने कहा कि उन्हें पहले खुद ठीक होने का मौका देना चाहिए। सुबह होते ही उनकी तबीयत ठीक हो गई। इससे यह सिद्ध होता है कि कई बार मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर भी हम बीमारियों से लड़ सकते हैं।
लिवर और जीवन के लिए चार लाइफलाइन
डॉ. सरीन ने हेल्दी लिवर और हेल्दी लाइफ के लिए चार लाइफलाइन का जिक्र किया। इन चार लाइफलाइन में से यदि आप तीन को अच्छी तरह अपनाते हैं, तो चौथे की जरूरत शायद ही पड़े।
पहली लाइफलाइन है डाइट और वेट

उन्होंने बताया कि यदि हम संतुलित आहार लेते हैं और अपने वजन को नियंत्रित रखते हैं, तो लिवर के साथ ही अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, ताजे फल, बीज, और ड्राई फ्रूट्स का नियमित सेवन करने से लिवर को नुकसान से बचाया जा सकता है।
दूसरी लाइफलाइन है एक्सरसाइज

नियमित और प्रभावी व्यायाम न सिर्फ लिवर को मजबूत बनाता है, बल्कि यह संपूर्ण शरीर के लिए भी लाभकारी है। कठिन और ऊर्जा से भरपूर एक्सरसाइज करने से लिवर सही तरीके से काम करता है।
तीसरी लाइफलाइन है लाइफस्टाइल

डॉ. सरीन ने बताया कि कब सोते हैं, कितनी अच्छी नींद लेते हैं, इन सबका लिवर पर गहरा असर पड़ता है। आजकल की जीवनशैली में लोग देर रात सोते हैं, जो लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। फैटी लिवर डिजीज से बचने के लिए समय पर सोना और पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है।
चौथी लाइफलाइन है दवाएं

यदि आप पहली तीन लाइफलाइन का सही से पालन करते हैं, तो शायद ही दवाओं की जरूरत पड़ेगी। लेकिन यदि स्थिति बिगड़ जाती है, तो ही दवाओं का सहारा लें।
इन चार लाइफलाइन को अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने लिवर को स्वस्थ रख सकता है और एक लंबा व स्वस्थ जीवन जी सकता है।
