भारत की अग्रणी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस (Star Health and Allied Insurance) के करोड़ों कस्टमर के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के करीब 3.1 करोड़ पॉलिसीहोल्डर्स की संवेदनशील जानकारियां लीक हो गई हैं, जो अब टेलीग्राम (Telegram) पर उपलब्ध हैं। यह दावा किया जा रहा है कि हैकर्स ने चैटबॉट के जरिए इन जानकारियों को लीक किया है। इनमें पॉलिसीहोल्डर्स के नाम, मोबाइल नंबर, पते, टैक्स विवरण, आईडी कार्ड की जानकारियां, मेडिकल कंडीशन और टेस्ट रिजल्ट जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं।
हैकिंग के जरिए लीक हुआ डेटा
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक ब्रिटिश सिक्योरिटी रिसर्चर जेसन पार्कर को इस डेटा लीक के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने इस मामले की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दी। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस डेटा को टेलीग्राम के माध्यम से बेचा जा रहा है। यहां तक कि जिन लोगों ने इस डेटा की बिक्री का दावा किया है, वे सैंपल भी उपलब्ध करा रहे हैं। रायटर्स ने इन सैंपल्स को डाउनलोड किया है, जिनमें पॉलिसीहोल्डर्स की संवेदनशील जानकारियां पाई गई हैं।
स्टार हेल्थ का बयान
कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि कस्टमर्स का डेटा सुरक्षित है और यह लीक घटना बड़ी नहीं है। कंपनी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के संपर्क में है और इस घटना की गहन जांच की जा रही है। हालांकि इस दावे के बावजूद, लीक हुए डेटा की मात्रा और संवेदनशीलता को देखते हुए कस्टमर्स में डर और चिंता का माहौल बन गया है।
चैटबॉट्स के माध्यम से साइबर अपराध
टेलीग्राम पर हैकर्स द्वारा चैटबॉट्स का उपयोग कर डेटा चोरी और बिक्री की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। टेलीग्राम,जो कि दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग एप्स में से एक है, के पास 90 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। लेकिन कंपनी अभी तक चैटबॉट्स के जरिए हो रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में नाकाम रही है। जेसन पार्कर ने एक डेटा खरीदार के रूप में खुद को पेश कर एक हैकर जेनजेन से संपर्क किया, जो दावा कर रहा था कि उसके पास 7.24 टेराबाइट डेटा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह डेटा हैकर के पास कैसे पहुंचा।
टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव पर आरोप
हाल ही में टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव को क्राइम को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि टेलीग्राम पर डेटा लीक और साइबर क्राइम के मामलों में वृद्धि हो रही है। हालांकि यह भी देखा जा रहा है कि टेलीग्राम के संस्थापक और कंपनी इस तरह के मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
भारतीय कंपनियों की डेटा सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद से भारतीय कंपनियों की डेटा सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। भारतीय कंपनियों के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे साइबर अपराधियों को आसानी से इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने का मौका मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सुरक्षा के लिए भारतीय कंपनियों को और अधिक सख्त नीतियों को लागू करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
कस्टमर्स को सतर्क रहने की जरूरत
इस डेटा लीक के चलते कस्टमर्स को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्हें अपने निजी विवरणों को सुरक्षित रखने और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि के बारे में तुरंत संबंधित कंपनी या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करने की आवश्यकता है।
