मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक अद्भुत और दुर्लभ चिकित्सा मामला सामने आया है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी है। डॉक्टरों की टीम ने यहां एक 21 साल पुराने तोते बेटू का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी है। इस तोते के गले में 20 ग्राम का ट्यूमर था, जो उसकी जान पर बन आई थी। लेकिन सतना के पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने अपने कौशल और धैर्य से इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया और तोते को नई जिंदगी दी।
6 महीने पहले दिखी गांठ, लगातार बढ़ती गई समस्या
तोते के मालिक चंद्रभान विश्वकर्मा ने बताया कि करीब 6 महीने पहले उन्होंने अपने पालतू तोते बेटू की गर्दन पर एक छोटी सी गांठ देखी। शुरुआती दिनों में यह मामूली लग रही थी, लेकिन धीरे-धीरे गांठ बढ़ने लगी। इसके कारण तोते को शारीरिक असुविधा का सामना करना पड़ा। वह न तो ठीक से बोल पा रहा था और न ही खाना खा पा रहा था। मालिक ने जल्द ही इस समस्या को गंभीरता से लिया और जिला पशु चिकित्सालय, सतना के डॉक्टरों से संपर्क किया।
जांच में हुआ ट्यूमर का पता, ऑपरेशन ही आखिरी विकल्प
जांच के बाद पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यह गांठ असल में एक ट्यूमर है, जो लगातार बढ़ रहा था। इसके कारण तोते के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा था। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी, क्योंकि बिना सर्जरी के तोते की हालत बिगड़ सकती थी। इस सर्जरी को अंजाम देने के लिए डॉक्टरों की टीम ने पूरी तैयारी की और 15 सितंबर को सफलतापूर्वक 20 ग्राम का ट्यूमर निकाल दिया गया।
98 ग्राम के तोते के गले से निकाला गया 20 ग्राम का ट्यूमर
इस ऑपरेशन की सबसे खास बात यह थी कि 98 ग्राम वजन वाले तोते से 20 ग्राम का ट्यूमर निकाला गया। यह न केवल सर्जरी की जटिलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि इतनी छोटी जीवित प्राणी में इतनी बड़ी सर्जरी करना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पशु चिकित्सक डॉ. बालेंद्र सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील था, क्योंकि ट्यूमर तोते के गले के पास था और इस क्षेत्र में ऑपरेशन करना जोखिम भरा होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि तोते के मालिक ने 14 सितंबर को डॉक्टरों से संपर्क किया था और 15 सितंबर को ऑपरेशन किया गया। सर्जरी लगभग दो घंटे तक चली और टीम ने बड़ी सफलता के साथ ट्यूमर को बाहर निकाल दिया। ट्यूमर को आगे की जांच के लिए रीवा पशु चिकित्सा महाविद्यालय भेजा गया है, ताकि यह समझा जा सके कि इस ट्यूमर की प्रकृति क्या थी।
स्वस्थ और सुरक्षित है बेटू
सर्जरी के बाद तोते की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के तुरंत बाद तोते को स्वास्थ्य लाभ होने लगा। उसे अब ठीक से खाना खाने में भी कोई परेशानी नहीं हो रही है और वह पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहा है। डॉक्टरों ने अगले कुछ दिनों तक तोते की लगातार जांच की और यह सुनिश्चित किया कि उसकी सेहत में कोई कमी नहीं आए।
पहली बार सतना में पक्षी का ट्यूमर ऑपरेशन
पशु चिकित्सक डॉ. बालेंद्र सिंह के अनुसार सतना जिले में यह पहला मामला था जिसमें किसी पक्षी के गले में ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया हो। यह एक अनोखा और साहसिक कदम था, जो डॉक्टरों की टीम के समर्पण और उनके तकनीकी कौशल को दर्शाता है। इस ऑपरेशन ने न केवल तोते की जिंदगी बचाई बल्कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर भी स्थापित किया है।
