देश में कोरोना वायरस का खतरा फिर से उभरता दिख रहा है। हाल ही में कोविड-19 का नया वेरिएंट XEC सामने आया है, जो पहले जर्मनी में पाया गया और अब धीरे-धीरे पूरे यूरोप में फैल रहा है। कैलिफोर्निया के स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के डॉ. एरिक टोपोल ने इस वेरिएंट को घातक बताया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
XEC वेरिएंट का बढ़ता खतरा
हालांकि अभी तक भारत में इस वेरिएंट का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जर्मनी, नीदरलैंड, स्पेन, डेनमार्क, बर्लिन और इजरायल जैसे देशों में इस वेरिएंट के मरीज सामने आए हैं, जहां इसकी निगरानी की जा रही है। भारत आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
लक्षण और बचाव
इस नए वेरिएंट के लक्षणों में तेज बुखार, लगातार खांसी, गंध या स्वाद की क्षमता में कमी, सांस लेने में कठिनाई, थकान और शरीर में दर्द शामिल हैं। यूके के कुछ अस्पतालों में कोविड प्रोटोकॉल को फिर से लागू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और किसी भी तरह के बुखार या खांसी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
भारत में सतर्कता बढ़ी
हेल्थ मिनिस्ट्री और एयरलाइंस इंडस्ट्री इस नए वेरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए सतर्क हैं। यूरोप और अन्य प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी की जा रही है। वर्तमान में कोविड से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है, ताकि इस नए वेरिएंट के प्रसार को भारत में रोका जा सके।
