देश की राजधानी दिल्ली में डेंगू का प्रकोप फिर से बढ़ रहा है, जिससे चिंता का माहौल बन गया है। इस वर्ष दिल्ली में डेंगू से पहली मौत दर्ज की गई है। साथ ही अब तक 650 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू से मरने वाला व्यक्ति पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके का रहने वाला था। 54 वर्षीय इस व्यक्ति को 27 अगस्त को दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 8 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई।
डेंगू का बढ़ता प्रकोप
दिल्ली में हर साल मानसून के बाद डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। हालांकि इस साल डेंगू के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक इस साल अब तक डेंगू के 650 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बावजूद पिछले साल की तुलना में मामले अभी तक कम हैं। साल 2023 में, दिल्ली में डेंगू के 9,266 मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी।
इस बार डेंगू के मामलों में वृद्धि के बीच, स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सतर्कता बरती जा रही है। नगर निगम ने डेंगू के मामलों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें जलभराव को साफ करना, कीटनाशक छिड़काव और लोगों को जागरूक करना शामिल है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे घरों में पानी न जमने दें और अपने आसपास सफाई रखें, ताकि मच्छरों को पनपने का मौका न मिले।
डेंगू का टीका: भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि

डेंगू से निपटने के लिए भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है। हर साल डेंगू के बढ़ते मामलों और उससे होने वाली मौतों को देखते हुए, भारत ने एक स्वदेशी वैक्सीन विकसित की है, जिसका नाम DengiAll रखा गया है। यह वैक्सीन Panacea Biotec द्वारा विकसित की गई है और इसका क्लिनिकल ट्रायल तीसरे चरण में पहुंच चुका है। इस वैक्सीन से डेंगू के प्रकोप को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे हर साल मानसून के दौरान होने वाले मामलों में कमी की उम्मीद है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और Panacea Biotec ने भारत में डेंगू की वैक्सीन विकसित करने के लिए तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है। यह स्वदेशी टेट्रावैलेंट डेंगू वैक्सीन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सावधानी ही बचाव
डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकान और त्वचा पर रैशेस शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह रक्तस्राव और अंग विफलता का कारण बन सकता है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों और आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें।
इसके अलावा दिल्ली नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग मिलकर डेंगू के मामलों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी नियमित रूप से इलाकों में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं और जलभराव की समस्या को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता से भी अपील की जा रही है कि वे सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
डेंगू को रोकने के लिए सरकार और जनता दोनों का सहयोग जरूरी है। जागरूकता और सावधानी ही डेंगू के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
