प्रेग्नेंसी में अक्सर गर्भवती महिलाओं को केसर वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है, जोकि अच्छी सलाह है। इसके बहुत से फायदे होते हैं। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे को अच्छा स्वास्थ्य मिलता है और विकास भी होता है। कई बार ज्यादा लालच के चक्कर में महिलाएं इसका हद से ज्यादा सेवन करने लग जाती हैं, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसी के चलते यहां जानें कितनी मात्रा में करना चाहिए केसर के दूध का सेवन।
इस समय करना चाहिए केसर के दूध का सेवन
प्रेग्नेंसी में केसर का दूध पीना तो अच्छा माना गया है, लेकिन यह भी पता होना चाहिए कि कौन से महीने से केसर का दूध पीना शुरू करना चाहिए। ऐसे में कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी के सातवें महीने से शुरू करना चाहिए।
केसर दूध की मात्रा
केसर का ज्यादा सेवन करने से अक्सर पेट में दर्द, दस्त, ज्यादा गर्मी को महसूस करना या मूड स्विंग होने की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी में अपने और शिशु के ऊपर सकारात्मक असर डालने के लिए 2 से 3 रैशे केसर दूध में डालकर दिन में एक बार पिएं।
केसर दूध के फायदे
गर्भावस्था में अच्छी नींद लेने के लिए केसर के दूध का सेवन करना ठीक बात है, क्योंकि इसमें नेचुरल सीडेटिव गुण होते हैं। इससे स्किन हेल्दी रहती है। अगर आपको मूड स्विंग हो रहे हैं तो इसके सेवन से उसे कंट्रोल किया जा सकता है। ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगार होता है। इसके सेवन से भ्रूण की सेहत भी ठीक रहती है। अपने डॉक्टर से भी पूछते रहें, ताकि वे आपको सही सलाह देते रहें।
