डॉक्टरों को लेकर एक सामाचार सामने आया है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने डाक्टर्स के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलों के डिप्टी कमिश्नरों, एस.एस.पी और सिविल सर्जनों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में बातचीत की।
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने बोर्डों के गठने के निर्देश दिए हैं। इनमें मैडीकल कालेज के प्रिंसीपल, मैडीकल सुपरिंटेंडेंट, एसएसपी, सिविल सर्जन, जिला पीसीएमएस, पैरामैडीकल स्टाफ, एन.जी.ओ. के प्रतिनिधि और कानूनी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
आपको बता दें कि कैबिनेट मंत्री द्वारा अधिकारियों को पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ मैडीकेयर सर्विस पर्सनज एंड मैडिकेयर सर्विस इंस्टीच्यूशंस एक्ट, 2008 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि अंग्रेजी और पंजाबी दोनों भाषाओं में सारे स्वास्थ्य सुविधाओं में डिस्प्ले बोर्ड लगाएं जाएंगे और उन पर इस अधिनियम को लेकर इसकी धाराएं, जुर्माने और सजा के साथ-साथ पुलिस स्टेशनों के नंबर भी हों।
सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए कि सारे स्वास्थ्य सुविधाओं में सीसीटीवी कैमरे, होमगार्ड की तैनाती और रोशनी का सही प्रबंध करें ताकि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्थाएं हो सकें। उनका कहना है कि डाक्टरों के खिलाफ कोई भी और किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाशत नहीं की जाएगा। साथ ही हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात की गई है।
