खर्राटे लेना एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन इसके परिणाम घातक हो सकते हैं। ऐसे लोगों को हंसी-मजाक का विषय बनाने से पहले यह समझ लेना चाहिए कि वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। खर्राटे लेने वाले व्यक्तियों को न सिर्फ सोते समय परेशानी होती है, बल्कि उन्हें दिल के दौरे, ब्रेन स्ट्रोक और अचानक कार्डियक अरेस्ट जैसी खतरनाक बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खर्राटे लेने वाले लोगों को अक्सर ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) नामक बीमारी होती है, जो एक आम समस्या है लेकिन इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) क्या है
खर्राटे तब होते हैं जब सोते समय मांसपेशियां पूरी तरह से आराम कर रही होती हैं, और गले में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब सोते समय वायुमार्ग संकीर्ण हो जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। ओएसए के कारण लोगों की नींद बार-बार टूटती है और उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, जैसे लंग्स, ब्रेन और हार्ट तक ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा, यह समस्या मोटापे से भी संबंधित होती है, खासकर उन लोगों में जिनकी गर्दन मोटी होती है या जिन्हें टॉन्सिल की समस्या होती है।
खर्राटों से उत्पन्न होने वाली बीमारियां
ब्रेन स्ट्रोक समस्या होना
हार्ट अटैक का जोखिम अधिक
सडन कार्डियक अरेस्ट आना
डिमेंशिया की समस्या पैदा होना
हाई ब्लड प्रेशर का बढ़ना
खर्राटों का कारण
खर्राटे लेने की समस्या सबसे ज्यादा मोटापे से जुड़ी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70 से 80 फीसदी मोटे लोग खर्राटे लेते हैं। जिन लोगों का पेट और गर्दन मोटी होती है, उनमें गले के अंदर फैट जमा हो जाता है, जिससे श्वास लेने में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा, नाक की हड्डी का टेढ़ा होना या जुकाम जैसी समस्याओं के कारण भी सांस लेने में रुकावट होती है, जिससे खर्राटे आते हैं।
खर्राटों का इलाज
वजन कम करना
सी-पैप मशीन (Continuous Positive Airway Pressure) का यूज करना
सर्जरी का सहारा लेना
हल्के मामलों में डेंटल एप्लायंसेस का उपयोग किया जाना
विदेशों में भी बड़ी समस्या
खर्राटों की समस्या न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी बड़ी परेशानी है। अमेरिका जैसे देशों में OSA के कारण वाहन दुर्घटनाएं आम हैं, क्योंकि रात में ठीक से न सो पाने वाले लोग दिन में गाड़ी चलाते समय झपकी ले लेते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि खर्राटों को नजरअंदाज करना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।
