राजस्थान की राजधानी जयपुर से हाल ही में एक दिल दहलाने वाला लेकिन भावनात्मक मामला सामने आया है। करीब 14 महीने पहले अगवा किए गए एक बच्चे को पुलिस ने बरामद कर लिया। लेकिन जब पुलिस ने बच्चे को उसके किडनैपर से छुड़ाकर उसकी मां के पास लौटाया, तो 25 माह का वह मासूम अपने किडनैपर से ही लिपटकर जोर-जोर से रोने लगा। वह उसे छोड़ने को तैयार नहीं था। यह देखकर किडनैपर की आंखों में भी आंसू आ गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, और लोग इस घटना को स्टॉकहोम सिंड्रोम से जोड़कर देख रहे हैं।
क्या है स्टॉकहोम सिंड्रोम
स्टॉकहोम सिंड्रोम एक मानसिक स्थिति है जिसमें बंधक को अपने ही किडनैपर से सहानुभूति या इमोशनल अटैचमेंट होने लगता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब बंधक को लंबे समय तक किडनैप किया जाता है और उस दौरान वे अपने किडनैपर के प्रति सकारात्मक भावनाएं विकसित कर लेते हैं। इस कंडीशन का नाम 1973 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुई एक बैंक डकैती के बाद रखा गया था।
इस बीमारी पर आधारित कई फिल्में बनी

स्टॉकहोम सिंड्रोम पर आधारित कई फिल्में भी बन चुकी हैं, जिनमें से एक मशहूर फिल्म हाईवे भी है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के किरदार को किडनैप किया जाता है, और बाद में उसे अपने किडनैपर, जिसे रणदीप हुड्डा ने निभाया, से प्यार हो जाता है। इसी तरह लोकप्रिय वेब सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ में भी इस सिंड्रोम को दर्शाया गया है।
कैसे मिला इस सिंड्रोम को नाम
स्टॉकहोम सिंड्रोम का नाम 1973 में स्टॉकहोम में हुई एक बैंक डकैती से जुड़ा है। इस घटना में दो लुटेरों ने मशीन गन के साथ बैंक में प्रवेश किया और बैंक के स्टाफ को 6 दिनों तक बंधक बना लिया। 23 अगस्त से 28 अगस्त तक, बंधकों को बैंक के वॉल्ट में रखा गया। इस दौरान बंधकों और लुटेरों के बीच सकारात्मक भावनाएं विकसित होने लगीं। एक बंधक ने तो बाद में एक लुटेरे से सगाई भी कर ली और बंधकों ने मिलकर लुटेरों का केस लड़ने के लिए वकील भी उपलब्ध कराया। इस घटना के बाद इस मानसिक स्थिति को स्टॉकहोम सिंड्रोम नाम दिया गया।
कैसे हावी होता है यह सिंड्रोम
स्टॉकहोम सिंड्रोम विशेष रूप से उन लोगों में देखा जाता है जो पहले से ही मानसिक समस्याओं जैसे PTSD (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर), चिंता, या अवसाद से गुजर रहे होते हैं। किडनैपिंग के दौरान बंधक को यह महसूस होता है कि उसका किडनैपर उसकी देखभाल कर रहा है। इस तरह के अकेलेपन और भय के बीच, बंधक और किडनैपर के बीच एक साइकोलॉजिकल रिएक्शन के कारण इमोशनल अटैचमेंट पनपने लगती है।
स्टॉकहोम सिंड्रोम एक जटिल मानसिक स्थिति है, जो समझाती है कि कैसे एक बंधक अपने ही किडनैपर के प्रति सहानुभूति और यहां तक कि प्यार महसूस करने लगता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया दर्शाती है कि किस प्रकार अत्यधिक तनाव और डर की स्थितियों में इंसानी दिमाग और भावनाएं काम करती हैं।
