हाल ही में उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में जापानी दिमागी बुखार (जेई) के टीकाकरण अभियान के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। मंगलवार को सैफनी के आदर्श पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में टीकाकरण के दौरान 11 छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं, जिससे स्कूल में अफरातफरी मच गई। छात्राओं की हालत बिगड़ते देख उन्हें तुरंत इलाज के लिए शाहबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया।
टीके से 11 छात्राएं बेहोश
बता दें कि टीकाकरण के बाद सभी 11 छात्राएं बेहोश हो गईं। टीकाकरण के कार्यक्रम के तहत 5 से 15 साल तक के बच्चों को यह टीका लगाया जा रहा था। बेहोशी के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरन्त स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित किया और छात्राओं को पास के शाहबाद सीएचसी ले जाया गया।
छात्राओं की हालत बेहतर
शाहबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मोहित रस्तोगी ने बताया कि टीकाकरण के बाद छात्राओं की अस्वस्थता की स्थिति को देखकर उन्हें सीएचसी में भर्ती किया गया था। हालांकि राहत की बात यह है कि अब सभी छात्राएं स्थिर स्थिति में हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है। रस्तोगी ने यह भी कहा कि जापानी बुखार से बचाव के लिए टीकाकरण आवश्यक है और इसके दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं।
मामले की जांच करने का आदेश
इस घटना के बाद चिकित्सा अधिकारियों ने टीकाकरण प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में मिलक और शाहबाद में कुछ बच्चे जापानी दिमागी बुखार से ग्रसित हुए हैं, जिससे यह बीमारी अधिक चिंताजनक हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी आश्वस्त किया है कि टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान ऐसी घटनाओं की निगरानी की जाएगी और सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में कोई समस्या उत्पन्न न हो। सभी प्रभावित छात्राओं की स्थिति पर ध्यान रखते हुए, विभाग ने इस मुद्दे की पूरी जांच करने का वादा किया है।
क्या है जापानी दिमागी बुखार
जापानी दिमागी बुखार एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो मच्छरों के माध्यम से फैलती है और इसका इलाज कठिन होता है। इसलिए अधिकारियों का कहना है कि सभी बच्चों को टीका लगवाना बहुत महत्वपूर्ण है।
