कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक नई सुई-मुक्त वैक्सीन आने वाली है, जो संक्रमण को रोकने में गेम चेंजर साबित हो सकती है। यह वैक्सीन हैदराबाद स्थित इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स द्वारा लाइसेंस की गई है। इस वैक्सीन पर ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है, जिसमें इसका असरदार और सुरक्षित होना पाया गया है।
क्या है वैक्सीन का नाम
इस वैक्सीन का नाम CDO-7N-1 है, जिसे नाक के जरिए (इंट्रानैसल) दिया जाता है। ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर बायोमेडिसिन और ग्लाइकोमिक्स के प्रोफेसर सुरेश महालिंगम ने बताया कि यह एक लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन है, जो नाक से दी जाती है। इससे शरीर में म्यूकोसल और सिस्टमिक इम्यूनिटी विकसित होती है। यह सिर्फ एक डोज़ में लंबे समय तक, लगभग एक साल या उससे अधिक के लिए सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
क्या है रिसर्च
यह रिसर्च जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुई है, जिसमें बताया गया है कि वैक्सीन नाक के म्यूकोसा में मजबूत मेमोरी रिस्पॉन्स पैदा करती है, जिससे वायरस के संक्रमण और फैलाव को रोका जा सकता है। वहीं स्टडी के लीड ऑथर डॉ. शियांग लियू ने कहा कि CDO-7N-1 वैक्सीन सभी प्रमुख वेरिएंट्स के खिलाफ क्रॉस-प्रोटेक्शन प्रदान करती है और SARS-CoV-1 वायरस के खिलाफ भी न्यूट्रलाइजिंग क्षमता रखती है, जो 2002-2004 के SARS प्रकोप का कारण बना था।
कोरोना महामारी को रोकने में प्रभावी
डॉ. लियू के अनुसार यह वैक्सीन वायरस के ट्रांसमिशन को रोकने, पुन: संक्रमण को टालने और नए वेरिएंट्स के उत्पन्न होने की संभावना को कम करने में भी प्रभावी है। जबकि mRNA वैक्सीन सिर्फ स्पाइक प्रोटीन को टारगेट करती है, CDO-7N-1 SARS-CoV-2 के सभी प्रमुख प्रोटीन के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित करती है। यह वैक्सीन 4 डिग्री सेल्सियस पर 7 महीने तक स्थिर रहती है, जो इसे कम और मध्यम आय वाले देशों के लिए आदर्श बनाती है।
इस भारतीय कंपनी से मिला लाइसेंस
यह वैक्सीन भारतीय कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स को लाइसेंस दी गई है, जो मानव और पशुओं के लिए प्रमुख वैक्सीन निर्माता है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. के. आनंद कुमार ने बताया कि हमने वैक्सीन के सभी आवश्यक अध्ययन पूरे कर लिए हैं और अब क्लीनिकल ट्रायल्स शुरू करने की योजना है। वहीं अगर यह वैक्सीन सफल होती है, तो यह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। सुई-मुक्त होने के कारण, यह उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगी जिन्हें इंजेक्शन से डर लगता है।
