जन्माष्टमी के मौके पर बहुत से लोग व्रत रखते हैं, ऐसे में इस दिन व्रत खोलने के लिए बहुत से लोग कुट्टू के आटे का बना प्रसाद खाते हैं। लेकिन इस साल उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जन्माष्टमी के अवसर पर व्रत खोलने के बाद कुट्टू के आटे का प्रसाद खाने से 80 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। फरह थाना क्षेत्र के चार गांवों परखम, बरोदा, मिर्जापुर, और मखदूम खैरट में फूड पॉइजनिंग की इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। कई लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अन्य स्थानों पर रेफर किया गया।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने व्रत रखा था। व्रत के बाद प्रसाद के रूप में कुट्टू के आटे से बने पकवानों का सेवन किया गया। कुछ समय बाद ही लोगों को पेट दर्द, उल्टी, और चक्कर आने जैसी शिकायतें होने लगीं। लोगों की तबीयत तेजी से बिगड़ने पर उन्हें पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर मामलों को जिला अस्पताल में रेफर किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बीमार होने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
कुट्टू के आटे की गुणवत्ता पर सवाल
गांव वालों का आरोप है कि कुट्टू के आटे में मिलावट हो सकती है, जिससे फूड पॉइजनिंग की यह घटना हुई। उनका कहना है कि इलाके में कुछ दुकानों पर बिकने वाले कुट्टू के आटे की गुणवत्ता खराब हो सकती है, या फिर इसमें जहरीले पदार्थ की मिलावट हो सकती है। इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गांव वालों में आक्रोश
इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जिले में खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण मिलावटी और घटिया सामान बेचा जा रहा है, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि इस घटना की गहन जांच होनी चाहिए और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कुछ समय पहले भी इस इलाके में फूड पॉइजनिंग की घटना घटी थी, जिसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया
सीएचसी के डॉक्टरों के अनुसार बीमार लोगों को फूड पॉइजनिंग हुई है। सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। खाद्य विभाग की टीम ने उन दुकानों से आटे के नमूने ले लिए हैं, जहां से प्रसाद बनाने के लिए सामग्री खरीदी गई थी।
वहीं यह घटना एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बाजार में बिक रहे सामान की जांच की जरूरत को उजागर करती है। प्रशासन को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो।
