छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरिया जिले के एक 83 वर्षीय वृद्ध की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। यह राज्य में इस महीने स्वाइन फ्लू से होने वाली सातवीं मौत है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मृतक उमाशंकर सोनी, ग्राम कटोरा निवासी थे, जिन्हें पहले पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था।
स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा
16 अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद उमाशंकर सोनी को पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर के एमएमआई अस्पताल रेफर किया गया, जहां 17 अगस्त को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। दो दिनों तक इलाज के बाद, उनकी स्थिति गंभीर बनी रही और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। 24 अगस्त को परिजनों ने उन्हें रायपुर से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट किया, लेकिन रविवार सुबह 7 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रदेश में 25 एक्टिव केस
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के 25 एक्टिव मरीज हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में इस वायरस का खतरा अधिक होता है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
बिलासपुर में भी बढ़ रहे केस
स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। बिलासपुर जिले में रविवार को तीन नए स्वाइन फ्लू मरीज मिले हैं, जिनमें तिफरा, तेलीपारा और मस्तूरी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। ये सभी मरीज सिम्स अस्पताल में भर्ती हैं। इसके साथ ही बिलासपुर में डायरिया, मलेरिया और कोरोना के बाद डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। रविवार को कोटा ब्लॉक में डेंगू के दो मरीज मिले हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट और सर्वे
स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डोर-टू-डोर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्देश जारी किया है कि सभी घरों में जाकर संक्रमण की जांच की जाए और लक्षणों वाले लोगों को जल्द से जल्द इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाए। इसके अलावा विभाग ने लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए भी अभियान शुरू किया है।
एक माह में 20 से ज्यादा मामले
छत्तीसगढ़ में पिछले एक महीने में स्वाइन फ्लू के 20 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। बढ़ते मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने बिलासपुर जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस से बचने के लिए समय पर टीकाकरण और व्यक्तिगत स्वच्छता बेहद जरूरी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि वे इस संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप
राज्य में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों में भय का माहौल बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे नियंत्रित करने के लिए तेजी से कदम उठाने की बात कही है। अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का वितरण भी किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने, मास्क पहनने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है।
सतर्कता बरतने की अपील
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का खतरा गंभीर होता जा रहा है। जनता से अपील की जा रही है कि वे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। विभाग ने आगामी दिनों में और भी कड़े कदम उठाने का संकेत दिया है ताकि इस बीमारी को और फैलने से रोका जा सके।
