त्वचा पर दाने निकलने वैसे तो आम बात है लेकिन कभी-कभी ये दाने चिंता का कारण भी बन सकते हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि ये दाने सामान्य होते हैं लेकिन यह भी संभव है कि ये किसी गंभीर बीमारी जैसे कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए यह जानना जरुरी है कि इन दानों की पहचान कैसे कि जाए कि यह सामान्य कैंसर का लक्षण है या किसी गंभीर बीमारी का संकेत और डॉक्टर से आखिर कब इसके बारे में संपर्क करना चाहिए।
इस वजह से होते हैं सामान्य दाने
सामान्य दाने अक्सर एलर्जी, गर्मी, पसीने या किसी संक्रमण के कारण से होते हैं। ये दाने आमतौर पर लाल होते हैं, खुजली करते हैं और कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं। इनमें कोई दर्द या सख्त गांठ नहीं होती और ये शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं। यदि कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं तो चिंता की कोई भी बात नहीं है।

कैंसर से जुड़े दाने होते हैं ऐसे
यदि त्वचा पर निकले दाने लंबे समय तक बने रहते हैं, आकार में बढ़ते हैं, असामान्य रंग के होते हैं, या उनमें दर्द और जलन होती है, तो ये कैंसर का ही संकेत हो सकते है। खासतौर पर यदि दाने के साथ-साथ त्वचा पर कोई गांठ भी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे दाने आमतौर पर खुद से ठीक नहीं होते और समय के साथ बिगड़ भी सकते हैं।
इस समय करें डॉक्टर से संपर्क
यदि आपके त्वचा पर निकले दाने एक महीने से ज्यादा समय तक ठीक नहीं होते, उनका रंग, आकार या बनावट बदल जाती है, या उनमें खून आना शुरू हो जाता है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे मामलों में बायोप्सी जैसी जांच की जरूरत पड़ सकती है, जिससे पता चलता है कि दाने कैंसर का संकेत हैं या नहीं।
खुद न करें ये काम
कभी भी त्वचा पर निकले दानों का खुद से इलाज करने की कोशिश न करें, जैसे घरेलू नुस्खे या फिर बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम लगाना। इससे समस्या और भी गंभीर हो सकती है।

ध्यान रखने वाली बातें
त्वचा पर निकले दाने ज्यादातर मामलों में सामान्य ही होते हैं, लेकिन यदि ये दाने असामान्य दिखें या लंबे समय तक बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में कैंसर का इलाज करना आसान होता है। इसलिए, अपनी त्वचा पर ध्यान दें और किसी भी बदलाव को गंभीरता से न लें।
त्वचा पर निकले कुछ दाने से कौन से कैंसर के लक्षण हैं
बेसल सेल कार्सिनोमा
छोटे, चमकदार धब्बे या गांठें, खासकर चेहरे और गर्दन पर।
स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा
खुरदरे, पपड़ीदार या खून आने वाले धब्बे, जो धूप से प्रभावित हिस्सों पर होते हैं।
मेलानोमा
काले या भूरे रंग के तिल, जो आकार और रंग बदल सकते हैं।

