प्रेगनेंसी किसी भी महिला के जीवन का सबसे खास और खूबसूरत पल होता है। इसमें महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से कई बदलावों से गुजरती हैं। हालांकि खराब लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य कारणों की वजह से आजकल प्रेगनेंसी में कई कॉम्प्लिकेशंस देखने को मिलती हैं। ऐसी ही एक स्थिति है एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy) जिसे अस्थायी गर्भावस्था भी कहा जाता है। यह एक खतरनाक स्थिति होती है, जिसमें गर्भधारण सही तरीके से नहीं होता और गर्भाशय के बाहर ही विकसित होने लगता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह मां के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
क्या होती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी
एक्टोपिक प्रेगनेंसी एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय के बजाय गर्भ का विकास कहीं और खासकर फैलोपियन ट्यूब में होता है। फैलोपियन ट्यूब की लंबाई और आकार बहुत छोटी होती है, जिसके कारण इसमें गर्भ का पूर्ण विकास नहीं हो पाता। गर्भधारण की यह स्थिति खतरनाक होती है क्योंकि फैलोपियन ट्यूब में गर्भ का विकास होने से यह फट सकती है, जिससे गंभीर आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है और मां की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए एक्टोपिक प्रेगनेंसी का इलाज जरूरी होता है और इसमें गर्भपात अनिवार्य होता है। कई बार यह गर्भपात प्राकृतिक रूप से हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में मेडिकल हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है।
एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कारण
उम्र का असर
35 साल या उसके बाद प्रेगनेंसी प्लान करने से एक्टोपिक प्रेगनेंसी का खतरा बढ़ जाता है।
पिछली सर्जरी
अगर पहले पेल्विक या एब्डोमिनल एरिया की सर्जरी हो चुकी है, तो एक्टोपिक प्रेगनेंसी की संभावना रहती है।
पेल्विक सूजन
पेल्विक क्षेत्र में किसी प्रकार की सूजन भी एक्टोपिक प्रेगनेंसी का कारण बन सकती है।
गर्भपात का इतिहास
बार-बार गर्भपात होने से भी इस स्थिति का खतरा बढ़ सकता है।
धूम्रपान
धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भी एक्टोपिक प्रेगनेंसी की संभावना अधिक होती है।
एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षण
इस प्रेगनेंसी के लक्षण सामान्य गर्भधारण जैसे ही होते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसलिए प्रेगनेंसी कंफर्म होते ही अल्ट्रासाउंड कराना बहुत जरूरी होता है। अल्ट्रासाउंड से गर्भ की सही स्थिति का पता चल जाता है और समय पर सही इलाज हो सकता है।
एक्टोपिक प्रेगनेंसी से बचाव के उपाय
सही उम्र में गर्भधारण करें
प्री-प्रेगनेंसी जांच करवाएं
स्वस्थ आहार लें
धूम्रपान से परहेज करें
गर्भपात का सही इलाज करवाएं
नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह लें
गर्भनिरोधक गोलियों से बचें
