एक तरफ जहां अफ्रीका में तेजी से लोगों में एमपॉक्स संक्रमण फैल रहा है, वहीं दूसरी तरफ इससे लोगों के मौतों में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में अब थाईलैंड ने भी बुधवार को अपने पहले संदिग्ध मामले की सूचना दी, जिसमें एमपॉक्स का एक नया, अधिक खतरनाक स्ट्रेन पाया गया है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
क्या है पूरा मामला
रोग नियंत्रण विभाग के प्रमुख थोंगचाई कीरातिहत्तायकॉर्न ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति एक यूरोपीय नागरिक है, जो अफ्रीका से थाईलैंड आया था। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेन की पुष्टि के लिए लैब में परीक्षण जारी है, लेकिन अधिकारियों को शक है कि यह क्लेड 1 हो सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि हमने परीक्षण किया है और यह निश्चित रूप से एमपॉक्स है, लेकिन यह क्लेड 2 नहीं है। हमें पूरा यकीन है कि यह क्लेड 1 वेरिएंट है, लेकिन हमें अंतिम परिणाम के लिए दो और दिनों तक इंतजार करना होगा।
एमपॉक्स के मामले और मौतों में वृद्धि
बता दें कि अफ्रीका में एमपॉक्स के मामले और मौतें बढ़ रही हैं, जहां जुलाई से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, बुरुंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा में प्रकोप की सूचना मिली है।
क्या है एमपॉक्स और इसके लक्षण
यह एक वायरस से होने वाली बीमारी है जो संक्रमित जानवरों से फैलती है, लेकिन मनुष्यों के बीच निकट शारीरिक संपर्क से भी फैलती है। इसके लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द और बड़े फोड़े जैसे त्वचा पर घाव शामिल हैं।
एमपॉक्स का नया स्ट्रेन बच्चों के लिए घातक
हालांकि एमपॉक्स कई दशकों से जाना जाता है, लेकिन हाल के मामलों में एक नया, अधिक घातक और संक्रामक स्ट्रेन मिला है, जिसे प्रमुख रूप से क्लेड 1बी के नाम से जाना जाता है। WHO के अनुसार क्लेड 1बी से 3.6 प्रतिशत मामलों में मौत होती है, जिसमें बच्चे अधिक जोखिम में होते हैं।
क्या है इस बीमारी की रिसर्च
पहले इसे मंकीपॉक्स कहा जाता था। वायरस की खोज 1958 में डेनमार्क में रिसर्च के लिए रखे गए बंदरों में हुई थी। इस साल डीआर कांगो में 16,000 से अधिक मामले और 500 मौतें दर्ज की गई हैं। वहीं 15 अगस्त को स्वीडन ने अफ्रीका के बाहर पहला क्लेड 1 मामला दर्ज किया था।
