लोगों की खराब लाइफस्टाइल और खराब खानपान की वजह से इन दिनों कई लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। वहीं बहुत से लोग कैंसर का इलाज कर ठीक भी हो रहे हैं। हालांकि एक नई स्टडी ने कैंसर से संबंधित चिंताओं में एक नया और गंभीर मोड़ लाया है। दरअसल हालिया स्टडी ने अनुमान लगाया है कि 2050 तक पुरुषों में कैंसर के मामलों और मौतों में तेज़ी से वृद्धि होगी। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि आने वाले दशकों में कैंसर का संकट और भी गहरा हो सकता है।
पुरुषों में कैंसर के मामले और मौतें
कैंसर पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 2022 के डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें 185 देशों और क्षेत्रों में 30 प्रकार के कैंसर को कवर किया गया था। स्टडी का अनुमान है कि 2022 में पुरुषों में कैंसर के 10.3 मिलियन मामले थे, जो 2050 तक बढ़कर 19 मिलियन हो जाएंगे। यह वृद्धि 84% की है, जो बेहद चिंताजनक है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि कैंसर से होने वाली मौतों में लगभग 93% की वृद्धि होने का अनुमान है। 2022 में 5.4 मिलियन पुरुषों की कैंसर से मौत हुई, और यह संख्या 2050 में बढ़कर 10.5 मिलियन हो सकती है।
वृद्ध पुरुषों में सबसे ज़्यादा जोखिम
स्टडी में बताया गया है कि इस वृद्धि का सबसे ज़्यादा असर 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में देखा जाएगा। इस आयु वर्ग में कैंसर से होने वाली मौतों में 117% की वृद्धि होने का अनुमान है। जैसे-जैसे जनसंख्या उम्रदराज़ हो रही है, वृद्ध पुरुषों में कैंसर के मामलों की बढ़ती संख्या स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करेगी।
वैश्विक असमानताएं
स्टडी में यह भी पाया गया कि कम आय स्तर और कम जीवन प्रत्याशा वाले देशों में पुरुषों में कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे अधिक वृद्धि होगी। अफ्रीका और पूर्वी भूमध्य सागर में 2022 और 2050 के बीच कैंसर के मामलों और मौतों में 2.5 गुना वृद्धि होने का अनुमान है। इसके विपरीत यूरोप में यह वृद्धि लगभग 50% तक सीमित रहने की संभावना है।
कैंसर का प्रमुख कारण बनेगा
कैंसर वर्तमान में वैश्विक स्तर पर हार्ट डिसीज के बाद मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है। हालाँकि इस स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि इस सदी के अंत तक कैंसर मृत्यु का प्रमुख कारण बन सकता है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों पर अत्यधिक दबाव डाल सकता है, बल्कि 2020 और 2050 के बीच $25.2 ट्रिलियन की संचयी आर्थिक लागत भी पैदा कर सकता है।
कैंसर के प्रकार और जोखिम कारक
फेफड़ों का कैंसर जो 2022 में पुरुषों में कैंसर और कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण था, 2050 में भी सबसे बड़ा खतरा बना रहेगा। इसके अलावा मेसोथेलियोमा और प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारियों में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की उम्मीद है। पुरुषों में कैंसर से मरने का जोखिम महिलाओं की तुलना में अधिक है। वहीं धूम्रपान, शराब का सेवन और कार्यस्थल पर कार्सिनोजेन्स के संपर्क में आने के कारण यह बीमारी बढ़ सकती है। इसके अलावा पुरुषों में कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रमों में भागीदारी की दर भी कम है, जो समय पर निदान और उपचार को प्रभावित कर सकता है।
भविष्य की रणनीतियां
शोधकर्ताओं ने इस बढ़ते संकट का मुकाबला करने के लिए मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। उन्होंने लिखा स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कार्यबल की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाना, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा देना कैंसर असमानताओं को कम करने और वैश्विक स्तर पर पुरुषों के बीच कैंसर समानता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
