भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट के 50 किलो भारवर्ग के फाइनल मुकाबले से पहले डिस्क्वालीफाई होने की घटना ने खेल जगत में हलचल मचा दी है। केवल 100 ग्राम के अंतर से वे मुकाबले से बाहर हो गईं। वहीं इस दौरान भारतीय दल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनशॉ पौडीवाला ने बताया कि वजन कम करने के लिए कठोर कदम उठाए गए, लेकिन फिर भी उनका वजन 100 ग्राम अधिक रहा।
ऐसे में विनेश फोगाट के इस घटनाक्रम से खेल जगत और प्रशंसकों के मन में कई सवाल उठे हैं। कैसे एक ही दिन में वजन अचानक से बढ़ जाता है? हालांकि सेमीफाइनल तक विनेश का वजन नियंत्रण में था, लेकिन फिर अचानक उनका वजन क्यों बढ़ गया? इन सभी का सवालों का जवाब आपको इस आर्टिकल में मिलेगा। चलिए इसके बार में जानते हैं।
वजन बढ़ने का कारण
रिपोर्ट्स के मुताबिक विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल मैच के बाद बहुत कम खाना खाया। इसके बावजूद उनका वजन अचानक बढ़ गया। सेमीफाइनल के बाद उनका वजन 52.7 किलो तक पहुंच गया था। लगातार तीन बाउट खेलने के बाद विनेश को कमजोरी महसूस हुई और उन्होंने छोटी सी मील खाई। अचानक उनका वॉटर वेट यानी वाटर रिटेंशन की वजह से वजन बढ़ गया। इस वॉटर रिटेंशन को रोकने के लिए उन्होंने पानी का इनटेक कम कर दिया, जिससे वे डिहाइड्रेशन का शिकार हो गईं।
वजन कम करने के प्रयास
डॉ. दिनशॉ पौडीवाला ने बताया कि विनेश फोगाट ने वजन कम करने के लिए सौना रूम में समय बिताया, रनिंग, स्किपिंग, और साइकिलिंग की। उन्होंने अपने बाल और नाखून काटे, यहां तक कि खून निकलवाया। लेकिन फिर भी उनका वजन 50 किलो से 100 ग्राम अधिक रहा।
वाटर रिटेंशन का प्रभाव
साकेत अस्पताल की फिजियोथेरेपिस्ट पूजा सिंह जो आमतौर पर स्पोर्ट इंजरी देखती हैं। वे बताती हैं कि वाटर रिटेंशन के कारण वजन अचानक से बढ़ सकता है। वॉटर रिटेंशन पानी पीने के अलावा कुछ फूड्स, जैसे चावल, कोल्ड ड्रिंक्स, नमकीन फूड या डिब्बाबंद खाना खाने से हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा पानी पीने और यूरिन कम जाने के वजह से भी वजन बढ़ सकता है।
स्टूल पास न करने का प्रभाव
विनेश फोगाट ने लगातार तीन बाउट खेले, जिसके कारण उन्होंने बहुत कम खाया-पिया। इससे वे अच्छी तरह से स्टूल पास नहीं कर पाईं और पेट में जमा खाना भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।
डिहाइड्रेशन से स्थिति बिगड़ी
विशेषज्ञ बताते हैं कि विनेश ने वजन मेंटेन करने के लिए पानी का इनटेक कम कर दिया। इससे वे धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन की तरफ बढ़ीं। कुछ खेलों में जैसे टेनिस और क्रिकेट, हर 15-15 मिनट में पानी की जरूरत होती है। वहीं कुश्ती जैसे खेल में खिलाड़ियों को गेम खत्म होने के बाद पानी पीना होता है। हमारी बॉडी को हर 4 घंटे में पानी की जरूरत होती है, वरना शरीर डिहाइड्रेट होने लगता है। ऐसे में शरीर बॉडी के टिशूज में जमा पानी को सोखने लगता है और बॉडी सेल्फ डिस्ट्रक्शन मोड में चली जाती है। इतना ही नहीं मामले के गंभीर होने पर किडनी और लीवर जैसे ऑर्गन्स फेल हो सकते हैं।
मानसिक तनाव और बेहोशी
जब विनेश को पता चला कि वे इतनी मेहनत के बाद डिस्क्वालीफाई हो गईं, तो वे मानसिक तनाव को बर्दाश्त नहीं कर पाईं और बेहोश हो गईं। शरीर में पानी की कमी के कारण कमजोरी भी बढ़ गई।
