बरसात के मौसम अकसर डेंगू के मामले तेजी बढ़ने लगते हैं। ऐसे में बिहार की राजधानी पटना में भी डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं, और कई इलाकों में यह बीमारी हॉट स्पॉट बन गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस साल राज्य में 299 डेंगू पीड़ितों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 99 मामले केवल पटना से हैं। खासकर पटना के पाटलिपुत्र, बांकीपुर, पटना सिटी, अजिमाबाद, कंकड़बाग, और संपतचक मोहल्ले में नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, वैशाली, सारण, खगड़िया और नवादा जिलों में भी डेंगू के मामले सामने आए हैं।
डेंगू के मामले रोकने के लिए उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि उन्होंने डेंगू के संभावित प्रसार को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। पिछले साल डेंगू के हॉट स्पॉट बने इलाकों में इस साल विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं आशा कार्यकर्ताओं को मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए प्रशिक्षण दिया गया है, और इन इलाकों में उनकी ड्यूटी लगाई गई है।
डेंगू से बचाव के लिए अभियान शुरू
नगर निगम ने डेंगू से बचाव के लिए पटना में व्यापक अभियान चलाया है। शहर के एक लाख से अधिक घरों में एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव किया गया है। इस अभियान में निगम की चार सौ टीमें शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस स्प्रे से मच्छरों का प्रकोप कम हुआ है, और फॉगिंग भी की जा रही है। विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर दिया जा रहा है जहां जलजमाव होता है, ताकि मच्छर न पनप सकें।
एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग का छिड़काव
शहर में नियमित रूप से एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग की जा रही है, और जहां भी स्प्रे नहीं हुआ है, वहां शिकायत करने की सुविधा दी गई है। नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर छिड़काव कराया जाएगा। इसके अलावा नियमित रूप से प्रभावित इलाकों की निगरानी की जा रही है। जिन क्षेत्रों में जलजमाव है, उन्हें विशेष रूप से चिह्नित किया गया है, और वहां पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अगर मच्छरों के लार्वा की वृद्धि को रोका जा सके, तो डेंगू के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही डेंगू की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
