लंबे और हेल्दी जीवन की चाहत आज के समय में लगभग हर व्यक्ति की होती है। लोग अक्सर यह जानने की कोशिश करते हैं कि 100 साल तक जीने के लिए क्या खाया जाए या जीवन को कैसे बढ़ाया जाए। ऐसे में अगर आप भी फीट टू फाइन रहने के लिए ऐसी ही चीज ढूंढ रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल हाल ही में एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि शाकाहारी आहार (वेजिटेरियन डाइट) अपनाकर बायोलॉजिकल उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। इस स्टडी के मुताबिक शाकाहारी आहार डीएनए में होने वाले बदलावों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
क्या है स्टडी
अमेरिका की एक रिसर्च टीम ने इस स्टडी के लिए 21 जोड़ी जुड़वां युवाओं का चयन किया। हर जोड़ी में से एक व्यक्ति को आठ हफ्ते तक मांसाहारी आहार (नॉन वेजिटेरियन डाइट) दिया गया, जबकि दूसरे को शाकाहारी आहार। आपको बता दें कि इस स्टडी का उद्देश्य था यह जानना कि शाकाहारी आहार डीएनए और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर कैसे प्रभाव डालता है।
शाकाहारी आहार के फायदे
स्टडी के नतीजों में पाया गया कि शाकाहारी आहार लेने वालों में डीएनए मेथिलेशन की प्रक्रिया कम होती है। डीएनए मेथिलेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जो समय के साथ जीन एक्सप्रेशन को प्रभावित कर सकती है, जिसे एपिजेनेटिक एजिंग कहा जाता है। शाकाहारी आहार लेने वाले लोगों में दिल, लीवर और मेटाबॉलिक सिस्टम स्वस्थ पाए गए, जबकि मांसाहारी आहार लेने वालों में ऐसे कोई सकारात्मक बदलाव नहीं देखे गए।
वजन कम करने में हेल्पफूल
इसके अलावा इस स्टडी में पाया गया कि शाकाहारी आहार लेने वालों ने औसतन दो किलो वजन कम किया है। वहीं मांसाहारी खाने वालों का वजन बढ़ा है। वजन घटाने से भी एपिजेनेटिक एजिंग कम होती है। यही नहीं शाकाहारी आहार से कैलोरी का सेवन भी कम होता है, जो कि स्वस्थ जीवन के लिए लाभदायक है।
और अधिक स्टडी की जरूरत
हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इन नतीजों को पूरी तरह से समझने के लिए बड़ी आबादी पर फॉलो-अप स्टडी की आवश्यकता है। वहीं इस स्टडी के डेटा को जर्नल बायोमेडिकल सेंट्रल मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। लेखकों ने यह भी चेतावनी दी कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इन बदलावों को कितना उनके आहार से जोड़ा जा सकता है।
