बारिश के मौसम ने गर्मी से तो राहत दी ही है, लेकिन वहीँ इससे होने वाली बिमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ा गयी है दरसल मेरठ में बरसात के मौसम में वायरल बुखार के मामले बढ़ गए हैं। मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज और पीएल शर्मा जिला अस्पताल की ओपीडी वायरल बुखार के मरीजों से भर गयी है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि वायरल बुखार के साथ प्लेटलेट्स कम होने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
प्लेटलेट्स घटने के मामले बढ़ें
आपको बता दें यहां के अस्पताल में जो मरीज आ रहे हैं उनके लक्षण बिल्कुल डेंगू बुखार जैसे ही हैं। हालांकि जांच में डेंगू निगेटिव पाया जा रहा है। मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में औसतन 500 मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें से वायरल बुखार के करीब 100 मरीज हैं। इनमें 80 प्रतिशत मरीजों में वायरल बुखार के साथ प्लेटलेट्स घटने की बात सामने आ रही है। यही स्थिति पीएल शर्मा जिला अस्पताल की भी है।
डॉक्टर ने क्या कहा
आपको बता दें लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि सामान्य व्यक्ति में 1.50 लाख प्लेटलेट्स होने जरुरी होते हैं। वहीँ वायरल बुखार में मरीज में प्लेटलेट्स काउंट 35 हजार तक आ रहा है। संक्रमण को इंगित करने वाली जांच टोटल ल्यूकोसाइट काउंट में भी कमी देखी जा रही है। ये दोनों स्थिति डेंगू के मरीज में होती है। हालांकि जांच में डेंगू सामने नहीं आ रहा है।
ये लक्षण हों तो सतर्क हो जाएं
बता दें यदि आपको
104 डिग्री तक तेज बुखार
सिरदर्द
आंखों में दर्द
उल्टी
जी मिचलाना
चक्कर आना
हाथ-पैर व जोड़ों में दर्द के लक्षण हैं तो सतर्क हो जाएं। बिना देरी किए चिकित्सक को दिखाएं।
वायरल बुखार के कारण व बचाव
बरसात के मौसम में गंदगी और जल जमाव की समस्या हो जाती है। वहीँ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। दूषित भोजन और दूषित पानी पीने से वायरल बुखार आ सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी वायरल बुखार अपनी चपेट में ले सकता है।
बचाव के लिए ये करें
घर और कार्य स्थल पर साफ-सफाई का ध्यान रखें
मच्छरदानी या मच्छर भगाने के उपाय अपनाएं
जल जमाव वाले स्थलों पर एंटी लार्वा स्प्रे व फागिंग जरूरी है
शुद्ध पेयजल व ताजा भोजन ही लें
बिना चिकित्सक की सलाह लिए अपने से दर्द की दवाएं न लें
