बारिश एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलाती है, वहीं दूसरी तरह यह अपने साथ कई बीमारी को अपने साथ लाती है। दरअसल पिछले 25 दिनों में नागपुर में डेंगू के 72 मामले दर्ज किए गए हैं, जो मानसून के बाद बढ़ी बीमारियों की गंभीरता को दर्शाता है। हाल ही में भारी बारिश में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य में लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों में उछाल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है ताकि इन बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके।
इस जिले में संक्रामक बीमारियों में वृद्धि
ठाणे जिले में भी भारी बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों में वृद्धि हुई है। ठाणे सिविल अस्पताल में एक विशेष अपडेटेड यूनिट की स्थापना की गई है, जो आवश्यक दवाओं और आपातकालीन पैरामेडिकल टीम से लैस है। लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू और मलेरिया से पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए पैरामेडिकल टीमें स्टैंडबाय पर हैं। प्रधानमंत्री के पीवीटीजी विकास मिशन के तहत ठाणे जिले के आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में मुरबाद और शाहपुर तालुका में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट चालू है, और 1 अगस्त से नौ और यूनिट शुरू होने वाली हैं। इसका उद्देश्य बुनियादी स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सुविधाएं प्रदान करना है।
स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने पर दिया जोर
पुणे में हाल ही में आई बाढ़ के बाद की स्थिति ने दैनिक जीवन को काफी हद तक बाधित कर दिया है। कई घर जलमग्न हो गए हैं, और हालांकि पानी कम हो गया है, लेकिन कीचड़ और गाद अभी भी बनी हुई है। इसने शहर में संक्रामक रोगों के फैलने की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि बीमारी का प्रसार रोका जा सके।
25 दिनों में डेंगू के 72 मामले दर्ज
आपको बता दें कि नागपुर के ग्रामीण इलाकों में पिछले 25 दिनों में डेंगू के 72 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि इसी अवधि के दौरान नागपुर शहर में चिकनगुनिया के 56 मामले सामने आए हैं। बच्चों पर इन संक्रामक रोगों का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है, जिससे बाल चिकित्सा ओपीडी में जाने और अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें ताकि बीमारी का प्रभाव कम किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने बचने के दिए उपाय
इन बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और किसी भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सा परामर्श लेने की सलाह दी है। इसके साथ ही, बीमारियों की रोकथाम के लिए जलजमाव और कीड़ों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। नागपुर, ठाणे और पुणे में बढ़ते मामलों के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके।
