बीते दिनों हरियाणा के सरकारी डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गये हैं। दरअसल उनकी कुछ मांगें थी जो पूरी नहीं की गयी है, ऐसे में उन्होंने इसके विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। इसका खामियाजा सरकारी अस्पताल के मरीजों को झेलना पड़ रहा है। बता दें ये हड़ताल हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) संगठन के नेतृत्व में डॉक्टर्स की तरफ से की जा रही है।
कौन सी मांगें जो मानी नहीं गयी हैं
आपको बता दें संगठन ने डॉक्टर स्पेशलिस्ट कैडर का गठन, सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) की सीधी भर्ती नहीं करना, पोस्टग्रेजुएट कोर्सों के लिए बांड राशि कम करने सहित अनेक मागें हैं, जिनको नहीं माना गया है। ऐसे इ संगठन के अध्यक्ष डॉ.राजेश ख्यालिया ने कहा कि राज्य भर में विभिन्न सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। डॉ.राजेश ख्यालिया सहित 4 डॉक्टर बुधवार को पंचकूला में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक के कार्यालय के सामने उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर दी है।
कोई नतीजा नहीं निकला तो हड़ताल जरी रहेगी
आपको बता दें राज्य सरकार द्वारा संगठन से बात करने के लिए निमंत्रण दिया गया है, ऐसे में डॉ ख्यालिया ने कहा है कि हम बैठक में शामिल होंगे। लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला तो हमारी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। पानीपत और गुरुग्राम सहित कई स्थानों पर जिला अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। कुछ अन्य स्थानों पर ओपीडी में इलाज कराने आए कुछ मरीजों ने बताया कि स्नातकोत्तर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे, इंटर्नशिप कर रहे और सेवानिवृत्त चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं।
18 जुलाई को हमें आश्वासन दिया गया था
डॉक्टर्स के मुताबिक पिछले कई महीनों से हमारी मांगों को लेकर हमें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। इसलिए हमने ओपीडी, इमरजेंसी, पोस्टमार्टम सहित स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 18 जुलाई को हमें आश्वासन दिया था कि हमारी दो मांगों के संबंध में 24 जुलाई से पहले नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। हमने सरकार से एक माह पहले कहा था कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं तो हमारी तरफ से 25 जुलाई से सभी सेवाएं बंद कर दी जायेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा स्वास्थ्य सेवाएं रुकें नहीं
ऐसे में हड़ताल को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कमल गुप्ता ने डॉक्टर्स से आग्रह करते हुए कहा है कि हड़ताल से आम जनता पर सर पड़ता है। ऐसे में वे इसे समझे। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि आपके सदस्यों द्वारा कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं और मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि आपकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वहीँ हम आपकी मांगों को समझते हैं और इसके लिए हम एक ऐसा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं जो सभी पक्षों के लिए सही हो। स्वास्थ्य मंत्री ने निवेदन किया है कि हड़ताल से मरीजों और आम जनता पर बुरा प्रभाव पड़ता है तो एक इस बारे में सोंचे। यह हमारी जिम्मेदारी है कि स्वास्थ्य सेवाएं रुके नहीं, खासकर उन लोगों के लिए जो जरूरत के समय हम पर निर्भर होते हैं।
