Indore news: आपने किसी फिल्म शूट में ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा, लेकिन अगर ड्रोन के जरिये किसी मरीज की जान बचाने के लिए ब्लड को पहुंचाया जाये तो हैरानी की बात है। वहीँ आपको बता दें कोरोना काल में ड्रोन से कई दूरदराज के इलाकों में वैक्सीन पहुंचाई गई थी। अब इसी कड़ी में ड्रोन के जरिए इमरजेंसी केस में ब्लड को एक जगह से दूसरी जगह आसानी से पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में इंदौर में मेडिकेयर हॉस्पिटल ने इसकी शुरुआत कर दी है। ट्रायल के लिए पुलिस विभाग और एटीसी से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को ड्रोन का ट्रायल किया जा चूका है।
16 मिनट में ड्रोन लेकर पहुंचा ब्लड बॉक्स
बता दें इस ड्रोन ट्रायल के जरिये पलासिया स्थित मेडिकेयर हॉस्टिपल से महू के मेवाड़ा मेडिकेयर ब्लड भेजा गया। वहीँ इनदोनो दोनों जगहों के बीच की दूरी लगभग 25 किलोमीटर की है। ऐसे में ड्रोन के जरिये ब्लड बॉक्स को मंगलवार के दिन दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर भेजा गया है। इसके बाद ड्रोन इस ब्लड बॉक्स को लेकर 12 बजकर 48 मिनट पर महू में पहुंच गया। इस दूरी का समय ड्रोन ने मात्र 16 मिनट में तय किया। साथ ही महू से इंदौर आने में ड्रोन को 17 मिनट का समय लगा।
ड्रोन 6-8 किलोग्राम तक वजन ले जाने में है सक्षम
अस्पताल के मैनेजर श्याम मुंद्रा ने बताया कि इस तरह से ड्रोन के जरिये किसी भी तरह की मेडिकल सुविधा ऐसी जगह पर पहुंचाना इजी है जहां मेडिकल फैसिलिटी देना मुमकिन नहीं है और कई ऐसे रास्ते हैं जहां पर पहुंच नहीं हो पाती है। वहीँ उन्होंने ये भी कहा कि यह ड्रोन एक दिन में 500 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। ड्रोन में कोल्ड स्टोरेज सहित मेडिकल ट्रांसपोर्टेशन जैसी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। फिलहाल ये ड्रोन 6-8 किलोग्राम तक वजन ले जा सकता है।
एम्स भी कर चूका है मेडिसिन के लिए ड्रोन का यूज़
आपको बता दें इससे पहले एम्स भोपाल में प्रदेश का पहला सफल ड्रोन परीक्षण 13 फरवरी को किया जा चुका है। इस ड्रोन के जरिए एम्स भोपाल से गौहरगंज पीएचसी तक लाइफ सेविंग मेडिसिन की डिलीवरी की गई थी, जो सिर्फ 20 मिनट की दूरी तय करके पहुंच गया था। इतना ही नहीं वहां से ड्रोन मरीज का ब्लड सैंपल लेकर वापस लौटा था।
