राजस्थान के जयपुर में स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में 102 डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। बता दें कि यह हड़ताल सोमवार को शुरू हुई और डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। हालांकि हड़ताल का अस्पताल में सामान्य कार्य पर खास असर नहीं पड़ा है।

हड़ताल का कारण

बता दें कि धरना के जरिए डॉक्टरों ने वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य परिस्थितियां, और चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता करने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगे अनसुनी की जा रही हैं, जिससे उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।

प्रदर्शन और समर्थन

हड़ताल के दौरान डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी की और सरकार पर अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। हड़ताल को राजस्थान मेडिकल एसोसिएशन का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे इसे और भी मजबूती मिली है।

अस्पताल में स्थिति

महात्मा गांधी अस्पताल में हड़ताल का असर मरीजों की देखभाल पर कम ही पड़ा है। अस्पताल प्रशासन ने पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रखी थीं, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। इमरजेंसी सेवाएं और जरूरी ऑपरेशन सामान्य रूप से चलते रहे। अस्पताल के निदेशक डॉ. आर.के. शर्मा ने बताया कि हड़ताल के बावजूद मरीजों की देखभाल में कोई कमी नहीं आई है और सभी आवश्यक सेवाएं बिना रुकावट के संचालित हो रही हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार ने हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए एक समिति गठित की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मांगों पर विचार करेगी और जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोशिश करेगी। सरकार ने हड़ताल पर गए डॉक्टरों से अपील की है कि वे अपनी हड़ताल समाप्त करें और मरीजों की सेवा में वापस लौटें।

By tnm

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