गुजरात के सबरकांठा जिले में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की घटना सामने आई है, जिसमें चार बच्चों की रहस्यमयी मौत हो गई है। वहीं इस मामले में विशेषज्ञों के अनुसार चांदीपुरा वायरस संक्रमण का संदेह होने की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि यह दुखद घटना सबरकांठा जिले के एक गांव में हुई है, जहां चार बच्चे अचानक अपने घर में मृत पाए गए। इन बच्चों की उम्र छह से आठ वर्ष के बीच थी। वहीं परिवारजनों ने बताया कि जब बच्चों में कोई हलचल नहीं देखी गई तो उन्हें तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालांकि इस वायरस से संक्रमित दो बच्चों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
एनआईवी को भेजे गए संक्रमित बच्चों के ब्लड सैंपल
साबरकांठा जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी राज सुतारिया के मुताबिक इन छह बच्चों की जांच के लिए पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में ब्लड टेस्ट के सैंपल भेजे गए हैं। वहीं टेस्ट के रिपोर्ट के आने का इंतजार है।
हेल्थ अधिकारी ने जांच करने का दिया आदेश
बता दें कि बच्चों की मृत्यु के पीछे चांदीपुरा वायरस संक्रमण का संदेह होने की वजह से स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच का आदेश दिया है। यह वायरस खासकर बच्चों में संक्रमण का कारण बन सकती है और उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। यह घटना स्थानीय समुदायों में गहरी चिंता का विषय बन गया है और स्थानीय प्रशासन ने वहां की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जारी किया अलर्ट
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिले में सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया है और वहां की जनता से इस संक्रमण के खिलाफ सतर्क रहने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने जिले में आपातकालीन उपायों को लागू करने का भी निर्देश दिया है ताकि इस संक्रमण को जल्द से जल्द रोका जा सके।
क्या है चांदीपुरा वायरस
चांदीपुरा वायरस एक ऐसा वायरस है जो मच्छरों और मक्खियों से फैलती है। वहीं यह वायरस बच्चों के दिमाग पर अटैक करता है, जिससे बच्चे के दिमाग में सूजन हो जाती है। शुरुआत में इसके लक्षण बर्ड फ्लू जैसे ही दिखाई देते हैं, लेकिन बाद में बच्चा सीधे कोमा में चला जाता है। बता दें यह वायरस रोगजनक रबडोविरिडे परिवार के वेसिकुलोवायरस जीन का सदस्य है, जो माखियों में पाई जाती है।
आखिर कैसे फैलता है चांदीपुरा वायरस
बता दें कि यह वायरस 14 साल से छोटे बच्चे को अपनी चपेट में लेता है। वहीं यह वायरस बरसात के मौसम में तेजी से फैलती है। दरअसल यह संक्रमण सेंड फ्लाई नामक मक्खियों से फैलती है जो कीचड़ में पाई जाती है।
इस वायरस के लक्षण
बुखार आना
सिर दर्द होना
गले में खराश होना
बॉडी पेन होना
नाक बहना
इस वायरस संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें
नियमित हाथों को धोएं
उचित साफ-सफाई का ध्यान रखें
किसी तरह की दिक्कत महसूस होने पर तुरत डॉक्टर से संपर्क करें
