आज कल बहुत से लोग लीवर से जुडी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। उसमे भी सबसे ज्यादा लोग हेपेटाइटिस के शिकार होते हैं। वहीँ हाल ही में वर्ल्ड हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2024 की एक रिपोर्ट जारी की गयी है जिसमे दुनिया भर में हेपेटाइटिस से रोजाना करीब साढ़े तीन हजार लोगों की जान चली जाती है। जबकि 6 हजार से ज्यादा लोग हर दिन इसकी चपेट में आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन इस रिपोर्ट को हाल ही में विश्व हेपेटाइटिस शिखर सम्मेलन में जारी किया है।
Hepatitis कई तरह का होता है
आपको बता दें हेपेटाइटिस मूल रूप से लीवर से जुड़ी बीमारी है। ये एक वायरल इन्फेक्शन के कारण फैलती है। इस बीमारी के कारण लीवर में सूजन आने लगती है। वहीँ हेपेटाइटिस के पांच प्रकार के वायरस होते हैं, जिन्हें ए,बी,सी,डी और ई के रूप में जाना जाता है। आंकड़ों की बात करें तो यह बीमारी हर साल 13 लाख लोगों की मौतों का कारण बनती है। कहा जा रहा है कि वायरल हेपेटाइटिस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी यह पहली व्यापक रिपोर्ट है।
3 साल में 18 फीसदी मौत के मामले बढे
बता दें वायरल हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों की संख्या 2019 में 11 लाख दर्ज की गई थी, जो 2022 में 18 फीसदी बढ़ गयी। अब ये 13 लाख पर पहुंच गई है। इनमें से 83 प्रतिशत मौतें हेपेटाइटिस बी के कारण हुई हैं, जबकि 17 फीसदी मौतों के लिए हेपेटाइटिस सी वजह है।
Who ने क्या कहा रिपोर्ट में
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की भी जानकारी दी है कि 2022 में 25.4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त हैं। वहीँ पांच करोड़ लोग हेपेटाइटिस सी के शिकार हैं। इतना ही नहीं हेपेटाइटिस बी और सी से गंभीर रूप से संक्रमित आधे से ज्यादा लोगों की उम्र 30 से 54 वर्ष के बीच की है। लेकिन 12 फीसदी बच्चे भी इसका शिकार हैं। आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि इससे संक्रमित लोगों में 58 फीसदी पुरुष ही हैं।
पीड़ितों में चीन के बाद भारत का नंबर दूसरा
बता दें इस बीमारी से संक्रमित सबसे ज्यादा चीन है। वहीँ बांग्लादेश, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस, रूस और वियतनाम शामिल हैं। वहीँ देखा जाए तो दुनिया के 27.5 फीसदी मामले चीन में सामने आए हैं। इसके बाद भारत का नंबर आता है। साल 2022 में हेपेटाइटिस बी और सी के 3.53 करोड़ मामले सामने आए। इनमें हेपेटाइटिस बी के 2.98 करोड़ और हेपेटाइटिस सी के 55 लाख मामले शामिल थे। देखा जाए तो भारत हेपेटाइटिस के वैश्विक बोझ का 11.6 फीसदी ढो रहा है।
